लखनऊ। काकोरी की ऐतिहासिक धरती से रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने देश को बांटने की साजिशों और इंटरनेट मीडिया के दुरुपयोग को लेकर आगाह किया। काकोरी ट्रेन एक्शन के 101 वर्ष पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह में मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत पहले आपसी फूट और षड्यंत्र के कारण गुलाम हुआ था।
आज भी क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने वाली ताकतें सक्रिय हैं। इंटरनेट मीडिया इन ताकतों के लिए षड्यंत्र का माध्यम बन गया है और इसके जरिये देशविरोधी ताकतें भारत के खिलाफ अफवाहें फैलाकर समाज को गुमराह करने का प्रयास कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन के क्रांतिकारियों ने 1925 में ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिलाकर स्पष्ट संदेश दिया था कि भारत की धरती गुलामी को बर्दाश्त नहीं करेगी। पं. राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खां, ठाकुर रोशन सिंह, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी की घटना को डकैती कहा था, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसे ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर क्रांतिकारियों को उचित सम्मान दिया।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद भी काकोरी के क्रांतिकारियों और चौरीचौरा जैसी घटनाओं को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। अब आजादी के नायकों के नाम पर स्मारक, संस्थाएं और योजनाएं बनाई जा रही हैं तथा उनके सम्मान में डाक टिकट जारी किए जा रहे हैं।
एक परिवार के नाम पर होता था योजनाओं का नामकरण- योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद लंबे समय तक योजनाओं और संस्थाओं के नामकरण में एक ही परिवार और खानदान का नाम प्रमुखता से सामने आता रहा। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में अब देश के वास्तविक राष्ट्रनायकों को सम्मान दिया जा रहा है। बाबा साहेब आंबेडकर से जुड़े पंचतीर्थ के साथ ही वीर सावरकर, राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां जैसे क्रांतिकारियों की स्मृतियों को संरक्षित किया जा रहा है।
गुमनाम नायकों को खोजें, उनकी स्मृतियों को सहेजें
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि अपने गांव, क्षेत्र और जनपद के गुमनाम स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों को खोजें। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक नायक होंगे, जिन्होंने मातृभूमि की आजादी के लिए अपना सर्वस्व समर्पित कर दिया, लेकिन इतिहास में उन्हें उचित स्थान नहीं मिला।
क्रांतिकारियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र किया जाए। उनके स्मारकों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण में भी लोग भागीदारी करें और उनकी जयंती व बलिदान दिवस पर श्रद्धा से पुष्पांजलि अर्पित करें। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त को हर घर तिरंगा फहराने और संस्थाओं में वंदे मातरम् के सामूहिक गान का भी आह्वान किया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सदस्य ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी, योगेश शुक्ल अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
