कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था और तैयारियों की समीक्षा के लिए सावन के पहले ही दिन मुख्य सचिव और डीजीपी बरेली पहुंचे। यहां बरेली और मुरादाबाद मंडल के अफसरों के साथ समीक्षा बैठक में कांवड़ यात्रा को ‘जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट’ के लक्ष्य के साथ संपन्न कराने की बात कही। इसके लिए जिलों और मंडलों के बीच बेहतर कोर्डिनेश पर अधिकारियों का जोर रहा।
जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट’ का टास्क
सर्किट हाउस सभागार में हुई बैठक के दौरान डीजीपी राजीव कृष्ण ने एक टॉस्क भी दिया। कहा कि पूरी कांवड़ यात्रा जीरो इंसिडेंट, जीरो एक्सीडेंट के लक्ष्य के साथ संपन्न कराई जाए।हमारा लक्ष्य है कि कोई अप्रत्याक्षित घटना न हो, इस दृष्टि से कार्य किया जाए। ब्रज घाट व कछला घाट का मार्ग संवेदनशील है। उस पर घटनाएं, दुर्घटनाएं न हो, इसे रोकने के लिए होमवर्क भी कर लें। अगर इन सबके बाद भी घटनाएं होती है तो रिस्पांस त्वरित करें, जिससे व्यवस्था को संभाला जा सके।
पिछली गलतियों से बचें
उन्होंने कहा कि पुलिस/प्रशासनिक अधिकारियों को इसके लिए प्रशिक्षित कर लें। किस जोन में कितने लोग आने वाले हैं इसकी पहले से आपस में सूचना साझा हो। पूर्व में हुई घटनाओं के कारणों की भी समीक्षा कर लें, जिससे उन गलतियों से बचा जा सके। उन्होंने निर्देश दिए कि कन्ट्रोल रुम में जिन लोगों को बैठाया जाए उनका प्रशिक्षण होना आवश्यक है, जिससे वह सही मार्गदर्शन व कार्य कर सकें।
श्रद्धालुओं को मिले अच्छी व्यवस्था
मुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिए कि जो श्रद्धालुगण आपके जनपद में आ रहे हैं उन्हें अच्छी व्यवस्थाएं मिले तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। टॉयलेट आदि भी साफ रहे। इसके लिए सभी संबंधितों को निर्देशित किया जाए। उन्होंने कहा कि बिजली न जाए। अपरिहार्य स्थिति में जनरेटर की भी व्यवस्था रखें। जो भी श्रद्धालुगण आपके जिले में आएं, एक अच्छा अनुभव लेकर यहां से जाएं।
नौ जिलों के 15 थाने हैं संवेदनशील
बैठक में सभी जिलों ने अपना पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया। एडीजी रमित शर्मा ने बताया कि यहां मुख्य रुप से हरिद्वार, गढ़मुक्तेश्वर व कछला से जल लेकर श्रद्धालु आते हैं। बरेली जोन के नौ जनपदों के 15 संवेदनशील थानों की समीक्षा बैठक कर ली गई है। सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरों का तत्काल खंडन के सम्बन्ध व प्रचार-प्रसार की दृष्टि से कार्य किया जाएगा। कांवड़ यातायात नियंत्रण कक्ष की स्थापना की गई है। उन्होंने बताया कि श्रावण मास में ही बरेली में उर्स-ए-रजवी 6 से 8 अगस्त तक, पीलीभीत में उर्स-दरगाह हशमत अली 5 से 7 अगस्त तक और ईद-ए-मिलाद उल नवी 26 अगस्त को होगी। इस दृष्टि से भी पूरी तैयारी की जा रही है।
8 सुपर जोन, 26 जोन और 82 सेक्टर बने
अपर पुलिस महानिदेशक ने बताया कि शाहजहांपुर के लोग मुख्यतः ढाई घाट से जल लेते हैं और गोला गोकर्णनाथ (लखीमपुर) में जल चढ़ाते हैं। कांवड़ यात्रा के लिए 8 सुपर जोन, 26 जोन, 82 सेक्टर तथा 220 सब सेक्टर बनाए गए हैं। 94 पीए सिस्टम के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता रहेगा। 123 पुलिस सहायता केन्द्र बनाए गए हैं। 91 मिशन शक्ति केन्द्र बनाए जा रहे हैं जहां महिला कांवड़ियों की सुरक्षा व सहायता को महिला पुलिस रहेगी। डीजे संचालकों को 168 बीएनएसएस तामील कराया गया है तथा बिना साइलेंसर के गाड़ियों पर भी प्रभावी कार्यवाही की दिशा में कार्य किए जा रहे हैं।
31717 कांवड़ियों के जत्थे चिन्हित
कमिश्नर भूपेंद्र एस चौधरी ने बताया कि मंडल में कुल 20 शोभायात्राएं, 16 मेले व 116 शिविर आयोजित होंगे। 31717 कांवड़ियों के जत्थे बरेली मंडल तथा मंडल में 15 मंदिर चिन्हित हैं जहां मुख्यतः जलाभिषेक होता है। उन्होंने बताया कि कांवड़ यात्रा को सुगम बनाने को आवश्कतानुसार बैरिकेटिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेड़ों को छटाई, घाटों पर नाव, गोताखोरों की व्यवस्था, मोबाइल टायलेट व महिलाओं के लिए चेंजिंग रुम आदि की व्यवस्था की जा रही है।
बरेली में आएंगे 15 लाख कावंड़िये
डीएम बरेली ने बताया कि जिले में लगभग 15 लाख कांवड़िये आते हैं। उनके स्वागत को पांच मुख्य द्वारों को सुंदर लाइट व फूलों से सजाया जा रहा है। कांवड मार्गों पर चिन्हित गढ्ढों, जलभराव, असुरक्षित कट आदि का चिन्हिकरण करते हुए मरम्मत करा दी गई है। उन्होंने बताया कि बिजली के खम्भों पर प्लास्टिक शीट, श्रद्धालुओं को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों की जांच की व्यवस्था, होटल व ढाबों की नियमित निगरानी/ग्राहक संतुष्टि फीडबैक के लिए क्यूआर चस्पा किया गया है। 30 स्थानों पर चिकित्सा शिविर, 43 एम्बुलेंस, निराश्रित पशुओं को मार्गों से हटाने के लिए 40 कैटल काउचर भी लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष की तरह इस बार भी कांवड़ियों, श्रद्धालुओं पर हेलीकाप्टर से पुष्प वर्षा की जाएगी।
कांवड़ कमांड और कंट्रोल सेंटर स्थापित
एसएसपी बरेली अनुराग आर्य ने बताया कि बरेली-बदायूं मार्ग को मुख्यतः कांवड़ियों के लिए आरक्षित किया गया है। कांवड़ कमांड एवं कन्ट्रोल केन्द्र भी स्थापित किया गया है। उन्होंने बताया कि उर्स में आने वाले जायरीन व कांवड़ियों के कुछ मार्ग संयुक्त है, जिसके दृष्टिगत व्यापक तैयारियां की गयी है तथा सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन के माध्यम से भी निगरानी की जाएगी।
कछला पर बनाए गए दस वॉच टॉवर
बदायूं के डीएम और एसएसपी ने बताया कि अधिकांश कांवड़िये कछला से ही जल लेने जाते है। इस दृष्टि से रुट डायवर्जन किया गया है तथा गोताखोरों, लाइफ जैकेट व लाइफ बोट की व्यवस्था भी की गई है। कछला घाट पर 10 वाच टावर बनाए गए हैं। पानी की गहराई को लेकर सचेतक बोर्ड भी लगाए जा रहे हैं। चिकित्सा शिविर बनाए गए हैं। महिलाओं के लिए चेंजिंग रुम/कवर्ड टेंट/खोया-पाया केन्द्र बनाए गए हैं। अस्पतालों में बेड आरक्षित किए गए हैं तथा 14 एम्बुलेंस व क्रेन की व्यवस्था की गई है।
रामपुर के कांवड़ जत्था ऐप की तारीफ
डीआईजी मुरादाबाद परिक्षेत्र ने बताया कि हरिद्वार से मुख्यतः कांवड़ आती हैं, कांवड़ के पांच मुख्य मार्ग हैं। वाहनों की स्पीड कम करने के लिए रम्बल स्ट्रीप लगाए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि रामपुर जनपद में कांवड़ जत्था ऐप बनाया गया है, जिसके माध्यम से जत्थेदारों की रियल टाइम लोकेशन ट्रैकिंग, अन्तर जनपदीय ट्रैकिंग, त्वरित समस्या निवारण, इमरजेंसी एसओएस की सुविधा प्राप्त होगी। इसकी डीजीपी ने तारीफ की।
शाहजहांपुर के डीएम और एसएसपी ने बताया कि जनपद में 7 जोन और 17 सेक्टर बनाए गए हैं। 38 कांवड़ शिविर स्थापित किए गए हैं। फर्रुखाबाद के ढाई घाट में भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गयी है। 1477 पुलिसकर्मी लगाए गए हैं तथा पीस कमेटी/डीजे संचालकों/जत्थेदारों के साथ बैठक कर ली गयी है। डीएम/एसपी पीलीभीत ने बताया कि जनपद में 4 जोन, 16 सेक्टर, 68 सब सेक्टर बनाए गए हैं। अंतरराज्यीय और अंतर जनपदीय बैठके भी हो गई हैं।
होटल-रेस्टोरेंट पर रेट लिस्ट चस्पा
डीएम मुरादाबाद ने बताया कि जनपद में 11 जोन, 24 सेक्टर, 31 सब सेक्टर बनाए गए हैं। श्रद्धालु हरिद्वार और गढ़मुक्तेश्वर से जल लाते हैं। कांठ में रेलवे लाइन की क्रॉसिंग है, जहां एक दिन में 127 ट्रेनों का आवागमन होता है, जिस कारण कांवड़ियों के आवागमन में असुविधा होती है। इसके साथ ही गागन नदी का पुल क्षतिग्रस्त है, यह भी समस्या है। होटल-रेस्टोरेंट पर रेट लिस्ट लगवा दी गयी है और गुणवत्ता की भी समय-समय पर चेक करायी जाएगी। बिजनौर, सम्भल, रामपुर, अमरोहा ने भी अपने जनपद की तैयारियों की जानकारी दी।
