देहरादून। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अधीन मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय) संगठन के कार्यालय, उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय), देहरादून द्वारा ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के अंतर्गत एक विशेष कैंप बैठक का आयोजन किया गया। इस कैंप का उद्देश्य एम्स ऋषिकेश के कर्मचारियों से जुड़े लंबे समय से लंबित ग्रेच्युटी मामलों का शीघ्र निस्तारण करना था।
इस विशेष कैंप की अध्यक्षता उप मुख्य श्रमायुक्त (केंद्रीय), देहरादून ने अपीलीय प्राधिकारी के रूप में की। बैठक के दौरान एम्स ऋषिकेश से संबंधित लगभग नौ माह से लंबित 169 अपीलों पर सुनवाई की गई।
सुनवाई के दौरान कुल 169 अपीलों में से 46 अपीलों का निस्तारण कर्मचारियों के पक्ष में किया गया। इसके परिणामस्वरूप कर्मचारियों को लगभग 40 लाख रुपये की वैधानिक ग्रेच्युटी का लाभ प्राप्त हुआ। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान कर्मचारियों के वैधानिक अधिकारों की रक्षा और लंबित मामलों के त्वरित निस्तारण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
बैठक के दौरान संबंधित ठेकेदार एम/एस प्रिंसिपल सिक्योरिटी एंड एलाइड सर्विसेज तथा उसके प्रतिनिधियों को ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के प्रावधानों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए। अपीलीय प्राधिकारी ने समय पर ग्रेच्युटी भुगतान, वैधानिक अभिलेखों का उचित रखरखाव और श्रमिकों के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
ठेकेदार ने प्राधिकरण को आश्वस्त किया कि भविष्य में सभी पात्र कर्मचारियों के ग्रेच्युटी दावों का समयबद्ध निस्तारण किया जाएगा और अधिनियम के सभी प्रावधानों का पूर्ण रूप से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।
