हरियाणा सरकार ने प्रदेशभर में 135 ऐसे सरकारी स्कूल भवनों की पहचान की है, जो अपनी निर्धारित आयु पूरी कर चुके हैं और जर्जर तथा असुरक्षित स्थिति में हैं। इन भवनों को जल्द ध्वस्त कर उनकी जगह नई इमारतों का निर्माण कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने हाल ही में जर्जर स्कूल भवनों को गिराकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नई इमारतें बनाने के निर्देश दिए थे। इसके लिए शिक्षा विभाग में अलग से इंजीनियरिंग विंग का गठन भी किया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर खस्ताहाल स्कूल भवनों का सर्वे पूरा कर लिया गया है।
शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 135 स्कूलों को कंडम, जर्जर और असुरक्षित घोषित किया है। विभाग के अनुसार, इन भवनों को आगामी सप्ताह के भीतर ध्वस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। साथ ही मानसून के दौरान जिन स्कूलों में जलभराव की समस्या होती है, उनकी भी अलग से रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
इस बीच शिक्षा निदेशक जितेंद्र दहिया ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। उन्होंने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर कुछ स्कूलों द्वारा गलत जानकारी देने पर नाराजगी जताई।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी विद्यालय शनिवार तक इंटरनेट, स्मार्ट टीवी, डिजिटल बोर्ड, टैबलेट, कंप्यूटर और अन्य डिजिटल उपकरणों की कार्यशीलता की जांच कर सही जानकारी पोर्टल पर अपडेट करें। शिक्षा विभाग 31 जुलाई को प्रदेश के स्कूलों में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की विस्तृत समीक्षा करेगा।
