देहरादून: उत्तराखंड के छात्र संघ चुनाव नतीजों को लेकर बीजेपी ने बड़ा दावा किया है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने एबीवीपी (ABVP) की जीत को युवाओं के रुझान से जोड़ते हुए कहा कि राज्यसभा उम्मीदवार के नाम का ऐलान भी एक-दो दिन में हो जाएगा. इसके अलावा रामशरण नौटियाल के इस्तीफे पर अपनी बात रखी.
दरअसल, उत्तराखंड में छात्र संघ चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी ने एबीवीपी यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी के प्रदर्शन पर खुशी जताई है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि प्रदेश के अधिकांश कॉलेजों में एबीवीपी (ABVP) कार्यकर्ताओं की जीत युवाओं के बीच राष्ट्रवादी विचारों की मजबूती का संकेत है. उन्होंने छात्रसंघ चुनाव में जीत दर्ज करने वाले सभी प्रत्याशियों को बधाई दी और मतदान करने वाले छात्र-छात्राओं का आभार जताया.
ABVP की जीत से बीजेपी गदगद: प्रदेश के कई कॉलेजों में इस बार एबीवीपी ने प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की है. देहरादून के डीएवी पीजी कॉलेज में एबीवीपी के नवदीप राणा अध्यक्ष चुने गए हैं. वहीं, एमकेपी कॉलेज में भी एबीवीपी ने ज्यादातर प्रमुख पदों पर जीत दर्ज की. राज्य के दूसरे कॉलेजों में भी एबीवीपी के प्रत्याशियों ने अध्यक्ष, महासचिव और अन्य प्रमुख पदों पर जीत हासिल की है.
हालांकि, कुछ कॉलेजों में एनएसयूआई (NSUI) और निर्दलीय प्रत्याशियों को भी सफलता मिली है. बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े छात्र संघों में शामिल डीएवी कॉलेज के अध्यक्ष पद पर एबीवीपी की जीत समेत अधिकांश कॉलेजों में पार्टी से जुड़े छात्र संगठन के प्रत्याशियों का प्रदर्शन अच्छा रहा है. उन्होंने कहा कि,
“उत्तराखंड में राष्ट्रवादी विचारों की अपनी एक मजबूत पृष्ठभूमि रही है और छात्र संघ चुनाव के परिणामों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए. छात्र संघ चुनाव में जीत सिर्फ प्रत्याशियों की जीत नहीं है, बल्कि चुनाव में हिस्सा लेने वाले हर छात्र-छात्रा की लोकतांत्रिक भागीदारी भी महत्वपूर्ण है. “- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड
कांग्रेस की आपत्तियों पर दी तीखी प्रतिक्रिया: हालांकि, छात्र संघ चुनाव के नतीजों को लेकर कांग्रेस की ओर से उठाई गई आपत्तियों पर बीजेपी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. महेंद्र भट्ट ने कांग्रेस के आरोपों को बेबुनियाद बताया. उनका कहना है कि कांग्रेस छात्र संघ चुनाव में मिली हार के बाद इस तरह के आरोप लगा रही है.
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की ओर से पुलिस और प्रशासन के दुरुपयोग के आरोप लगाए जा रहे हैं. जबकि, छात्र संघ चुनाव कॉलेज परिसरों के अंदर छात्रों के बीच होते हैं. उनके मुताबिक, छात्रों पर दबाव डालकर मतदान करवाने की बात कहना भी छात्रों की अपनी समझ और निर्णय लेने की क्षमता पर सवाल उठाने जैसा है.
महेंद्र भट्ट ने कहा कि छात्र खुद फैसला लेने वाली मजबूत और स्वतंत्र शक्ति हैं. उन्होंने छात्रों को युवा शक्ति और राष्ट्र शक्ति बताते हुए कहा कि उनके मतदान के फैसले पर सत्ता के दबाव का आरोप लगाना छात्रों की चयन क्षमता और विवेक पर सवाल उठाने जैसा है. बीजेपी ने कांग्रेस के इन आरोपों की आलोचना की है.
कई जगहों पर एनएसयूआई की जीत: हालांकि, छात्रसंघ चुनाव के नतीजों में तस्वीर हर कॉलेज में एक जैसी नहीं रही. कई जगह एबीवीपी के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की, तो कुछ जगह एनएसयूआई और निर्दलीय उम्मीदवार भी विजयी रहे. देहरादून के डीबीएस पीजी कॉलेज में एनएसयूआई के प्रत्याशी ने अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की. जबकि, डीएवी और एमकेपी जैसे प्रमुख कॉलेजों में एबीवीपी ने महत्वपूर्ण पदों पर सफलता हासिल की.
बीजेपी से राज्यसभा उम्मीदवार कौन होगा? छात्र संघ चुनाव के बाद अब बीजेपी के सामने अगला बड़ा मुद्दा राज्यसभा उम्मीदवार का चयन है. उत्तराखंड से राज्यसभा की एक सीट के लिए चुनाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल पूरा होने के बाद यह सीट खाली हो रही है. चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर है.
बीजेपी में इस सीट के उम्मीदवार के नाम को लेकर पिछले कुछ दिनों से मंथन चल रहा है. उत्तराखंड बीजेपी की कोर कमेटी की बैठक में संभावित नामों पर चर्चा की गई थी. इसके बाद नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजा गया है. अब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने दावा किया है कि केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड एक-दो दिन में राज्यसभा उम्मीदवार के नाम की घोषणा कर सकता है.
“प्रदेश की कोर कमेटी में सामने आए सभी 15 नाम केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड को भेजे गए हैं. अब अंतिम फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है. उम्मीदवार के नाम की घोषणा होने के बाद 6 अक्टूबर की नामांकन की अंतिम तारीख से पहले बीजेपी प्रत्याशी अपना नामांकन दाखिल करेगा. पार्टी का उम्मीदवार चुनाव जीतेगा.“- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड
राज्यसभा उम्मीदवार के चयन को लेकर बीजेपी में अलग-अलग नामों पर चर्चा चल रही है. हालांकि, पार्टी की ओर से अभी तक किसी एक नाम को आधिकारिक तौर पर घोषित नहीं किया गया है. प्रदेश स्तर पर चर्चा के बाद अंतिम निर्णय केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड की ओर से लिया जाना है. ऐसे में अगले एक-दो दिन राज्यसभा उम्मीदवार के लिहाज से अहम माने जा रहे हैं.
एक तरफ छात्रसंघ चुनाव के नतीजों के बाद बीजेपी, एबीवीपी के प्रदर्शन को युवाओं के बीच अपनी विचारधारा के समर्थन के तौर पर पेश कर रही है, तो दूसरी तरफ राज्यसभा की एक सीट के लिए उम्मीदवार के नाम पर केंद्रीय नेतृत्व के फैसले का इंतजार है. महेंद्र भट्ट ने विधानसभा चुनाव को लेकर भी पार्टी की तैयारियों का जिक्र किया.
“उत्तराखंड में चुनावी साल है. कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रस्तावित कुमाऊं दौरे भी चुनावी यात्रा का हिस्सा हैं. नेताओं को चुनावी समय में प्रदेश का दौरा करना चाहिए और बीजेपी को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. बीजेपी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है और पार्टी प्रचंड जीत की तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है.“- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड
रामशरण नौटियाल के इस्तीफे पर क्या बोले महेंद्र भट्ट? वहीं, दौरान रामशरण नौटियाल के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी महेंद्र भट्ट ने स्थिति साफ की. उन्होंने कहा कि,
“अभी तक मेरे पास या संबंधित जिलाध्यक्ष के पास रामशरण नौटियाल का कोई इस्तीफा नहीं आया है. ऐसे में इस मामले में जो भी स्पष्टीकरण होगा, वो रामशरण नौटियाल की ओर से ही आ सकता है.“- महेंद्र भट्ट, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड
फिलहाल, उत्तराखंड बीजेपी के सामने दो बड़े मुद्दे चर्चा में हैं. छात्र संघ चुनाव में एबीवीपी के प्रदर्शन को पार्टी संगठन युवाओं के बीच अपनी पकड़ के संकेत के तौर पर देख रहा है. वहीं, राज्यसभा की एक सीट के लिए उम्मीदवार के नाम का फैसला केंद्रीय नेतृत्व को करना है. नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर होने के चलते अब सभी की नजर बीजेपी के केंद्रीय पार्लियामेंट्री बोर्ड के फैसले पर है.
