चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने वर्ष 2026-27 के लिए गन्ना उत्पादक किसानों को आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए अनुदान देने की योजना शुरू की है। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की ‘गन्ना तकनीकी उद्देश्य परियोजना’ के तहत प्रदेश के प्रमुख गन्ना उत्पादक क्षेत्रों के किसानों को प्रदर्शन प्लॉट लगाने पर अनुदान दिया जाएगा।
यमुनानगर, नारायणगढ़, शाहाबाद, करनाल, असंध, भादसो, पानीपत, कैथल, रोहतक, सोनीपत, जींद, पलवल, भूना, गोहाना और महम क्षेत्रों के किसानों को योजना में शामिल किया गया है।
अधिसूचित एवं अनुशंसित गन्ना किस्मों की आधुनिक विधियों से बिजाई करने पर अनुदान मिलेगा। इनमें चार फीट चौड़ी कतार में बिजाई, सिंगल-बड, बड-चिप विधि, फाउंडेशन सीड नर्सरी, बीज उपचार तथा चार फीट की दूरी पर पेड़ी प्रबंधन जैसी तकनीकें शामिल हैं।
अप्रैल के बाद वसंत या ग्रीष्म ऋतु में गन्ना लगाने वाले किसान 30 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं। आगामी अक्टूबर-नवंबर में शरदकालीन गन्ने की बिजाई करने वाले किसानों के लिए आवेदन अवधि एक अक्टूबर से 31 दिसंबर तक रहेगी। किसान कृषि विभाग की वेबसाइट agriharyana.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
इसके अलावा सरकार गन्ना खेती में मशीनीकरण को बढ़ावा देने के लिए गन्ना सैट ट्रीटमेंट डिवाइस, पावर वीडर, रटून मैनेजर, रोटावेटर, ट्रैक्टर चालित स्प्रेयर, सब-सोइलर, गन्ना कटर/स्ट्रिपर/प्लांटर और मिनी ट्रैक्टर सहित विभिन्न कृषि यंत्रों पर भी सब्सिडी देगी। इन यंत्रों के लिए भी किसान 30 सितंबर तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
