पंजाब की भगवंत मान सरकार ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों को दिवाली का तोहफा देते हुए महंगाई भत्ते (डीए) में तीन फीसदी बढ़ोतरी का एलान किया है। इससे करीब आठ लाख कर्मचारियों और पेंशनरों को लाभ मिलेगा। बढ़ा हुआ डीए पहली नवंबर से लागू होगा और दिसंबर में मिलने वाले वेतन व पेंशन में जुड़कर आएगा। इसके साथ ही डीए 50 से बढ़कर 53 फीसदी हो जाएगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बुधवार को चंडीगढ़ में इसकी घोषणा की। उन्होंने कर्मचारियों को सरकार की रीढ़ बताते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था और जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू करने में उनकी अहम भूमिका है। इस बढ़ोतरी से सालाना करीब 3988 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ होगा।
मान सरकार ने पिछले दो महीनों में डीए में कुल 11 फीसदी की बढ़ोतरी की है। सितंबर में आठ फीसदी डीए बढ़ाया गया था। मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के समय कर्मचारियों को 28 फीसदी डीए मिल रहा था, जो अब 53 फीसदी हो गया है। इस तरह मौजूदा सरकार के कार्यकाल में कुल 25 फीसदी की वृद्धि हुई है।
मान ने पिछली सरकारों पर कर्मचारियों की मांगें और वित्तीय देनदारियां लंबित रखने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने मेरिट के आधार पर बिना रिश्वत और सिफारिश के 71,777 सरकारी नौकरियां दी हैं। पिछले दो महीनों में घोषित 11 फीसदी डीए बढ़ोतरी से मौजूदा वित्त वर्ष में कर्मचारियों और पेंशनरों को 1813 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा।
14191 करोड़ छठे वेतन आयोग का बकाया
सीएम ने कहा, छठे पंजाब वेतन आयोग की सिफारिशें पहली जनवरी 2016 से लागू होनी थीं लेकिन जुलाई 2021 में लागू की गईं। पहली जनवरी 2016 से 30 जून 2021 तक कर्मचारियों और पेंशनरों के 14191 करोड़ रुपये के बकाये बने। सरकार ने चरणबद्ध भुगतान की योजना बनाई। पेंशनरों के बकाये पहली अप्रैल 2025 को जारी किए गए। सेवारत कर्मचारियों के बकाये पहली अप्रैल 2026 से जारी करने शुरू किए गए। मुख्यमंत्री के मुताबिक, अब तक 4,891 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष करीब 9,300 करोड़ रुपये भी अदा किए जाएंगे।
