शिमला: हिमाचल प्रदेश में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना का लाभ लेने से वंचित रह गए परिवारों के लिए राहत की उम्मीद जगी है. अब प्रदेश की ऐसी महिलाओं को भी हर महीने 1500 रुपये मिलने का रास्ता खुल सकता है, जिनके परिवारों का नाम योजना के नौवें चरण तक के सर्वे में शामिल नहीं हो पाया था. इतना ही नहीं, राज्य में हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ पाने वाले परिवारों की संख्या भी बढ़ सकती है.
इसके लिए प्रदेश सरकार अब योजना के तहत दसवें चरण का सर्वे शुरू करने की तैयारी में है. इस सर्वे का मकसद उन पात्र परिवारों को योजना के दायरे में लाना है, जो पहले किसी कारणवश इसमें शामिल नहीं हो सके थे. दरअसल, मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना के तहत अब उन परिवारों को भी शामिल करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है, जिनकी सालाना आय 75 हजार रुपये से कम है, लेकिन जिन्होंने साल में एक भी दिन मनरेगा के तहत काम नहीं किया है. ऐसे परिवारों को योजना से जोड़ने की घोषणा मुख्यमंत्री ने हाल ही में मंडी दौरे के दौरान एक जनसभा को संबोधित करते हुए की थी. अब सरकार इसी घोषणा को अमलीजामा पहनाने के लिए दसवें चरण का सर्वे शुरू करने जा रही है। इसके पूरा होने के बाद योजना के लाभार्थी परिवारों का दायरा बढ़ने की संभावना है.
नौवें चरण के सर्वे में छूटे परिवारों को मिलेगा मौका
दसवें चरण के सर्वे का सबसे अहम पहलू यह है कि इसमें ऐसे परिवारों को योजना में शामिल करने का अवसर मिल सकता है, जो पहले हुए सर्वे में जगह नहीं बना पाए थे. खासकर 75 हजार रुपये से कम सालाना आय वाले उन परिवारों पर ध्यान दिया जाएगा, जिनके सदस्य मनरेगा में एक दिन भी नहीं कर पाए हैं. सरकार की इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है. पात्रता के निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये की आर्थिक सहायता मिल सकती है.
300 यूनिट मुफ्त बिजली पाने वाले परिवार भी बढ़ सकते हैं
योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलने वाले अन्य लाभों के लिहाज से भी दसवें चरण का सर्वे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सर्वे के माध्यम से अधिक पात्र परिवारों की पहचान होने पर हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली का लाभ पाने वाले परिवारों की संख्या में भी इजाफा हो सकता है. हालांकि, इसका वास्तविक दायरा सर्वे और पात्रता की शर्तें पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा.
नौंवे सर्वे में 1.05 लाख से अधिक आवेदन
योजना के तहत लाभ पाने की उम्मीद लगाए बैठे हजारों परिवारों के लिए नौवें सर्वे के नतीजे अहम साबित हुए हैं। प्रदेशभर में इस सर्वे के दौरान 1.05 लाख से अधिक परिवारों ने योजना में शामिल होने के लिए आवेदन किया था. आवेदनों की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इनमें से 90 हजार से अधिक परिवारों को योजना के दायरे में शामिल कर लिया गया है. बाकी बचे परिवारों को भी जल्द ही सूची में डाल दिया जाएगा. इससे पहले प्रदेश में हुए आठ सर्वे के दौरान भी 1.78 लाख परिवारों को योजना में शामिल किया जा चुका है. ऐसे में नौवें सर्वे के बाद योजना से जुड़ने वाले परिवारों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है और प्रदेश में इसका लाभ पाने वाले परिवारों का दायरा लगातार विस्तृत हो रहा है. वहीं योजना के तहत नए परिवारों को शामिल करने की प्रक्रिया से उन लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं, जो अब तक इसके लाभ से वंचित थे. नौवें सर्वे में बड़ी संख्या में आवेदन मिलने से योजना के प्रति लोगों की दिलचस्पी का भी पता चलता है. इससे पहले के आठ सर्वे में शामिल किए गए 1.78 लाख परिवारों को जोड़ें, तो योजना का दायरा अब और व्यापक हो गया है.
योजना के लिए गाइडलाइन तैयार, नोटिफिकेशन होना बाकी
हिमाचल में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना का लाभ पात्र परिवारों तक पहुंचाने की दिशा में सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं. योजना के तहत पात्र परिवारों की महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये किस विभाग के माध्यम से दिए जाएंगे, किन महिलाओं को इसका लाभ मिलेगा और परिवारों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली की सुविधा कितने मीटरों पर मिलेगी, इन सभी अहम पहलुओं को लेकर गाइडलाइन तैयार कर ली गई है.
इतना ही नहीं, योजना के तहत पात्र परिवारों को मिलने वाले अन्य लाभों और भविष्य में अपात्र पाए जाने वाले परिवारों के खिलाफ की जाने वाली कार्रवाई को लेकर भी नियम निर्धारित किए गए हैं. अब इस योजना की अंतिम गाइडलाइन पर मुख्यमंत्री की मंजूरी का इंतजार है. मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिलने के बाद सरकार की ओर से इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी. इसके बाद ही योजना के तहत लाभ देने की प्रक्रिया और इससे जुड़े प्रावधानों की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी.
ग्रामीण विकास एवं पंचायतीराज विभाग के सचिव सी पालरासू का कहना है कि ‘प्रदेश में मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना छूटे हुए और पात्र लोगों को भी शामिल किया जाएगा. इसके लिए प्रदेश में दसवें चरण का सर्वे शुरू किया जाएगा. मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना में शामिल परिवार अगर भविष्य में अपात्र पाए जाते हैं तो इन्हें योजना से कैसे बाहर निकाला जाएगा. इसकी गाइडलाइन भी तैयार कर ली गई है.’
