देहरादून: बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर केस में न्याय की मांग और कथित वीआईपी के विरोध में कांग्रेस नेता एवं कार्यकर्ता आज सड़कों पर उतर आए. जहां प्रदेश प्रभारी कुमारी सैलजा और प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में आईएसबीटी से लेकर घंटाघर तक बाइक रैली निकाली गई. इस दौरान बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई.
बता दें कि कांग्रेस की बाइक रैली जीएमएस रोड बल्लूपुर चौक से होते हुए घंटाघर पहुंची. जहां कुमारी सैलजा, नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हरक सिंह रावत, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और पूर्व कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी एवं बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया, साथ ही उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की.
कांग्रेसियों ने जमकर किया प्रदर्शन, कथित वीआईपी को लेकर घेरा: इस दौरान घंटाघर पर काफी संख्या में कांग्रेस के कार्यकर्ता मौजूद रहे. कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी प्रकरण में कथित वीआईपी को सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त किए जाने के विरोध में जमकर नारेबाजी कर प्रदर्शन किया. साथ ही उनकी नियुक्त निरस्त करने की मांग की.
वोट चोरी भी नहीं की जाएगी बर्दाश्त: इधर, कुमारी सैलजा ने कहा कि आज उत्तराखंड के समस्त कांग्रेसी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस यात्रा में शामिल होकर यह दिखा दिया है कि उत्तराखंड वोट चोरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगा. मुख्य चुनाव आयुक्त को इस्तीफा देना ही पड़ेगा और उत्तराखंड की बेटी अंकिता को हर सूरत में न्याय दिलाना होगा.
सरकार पर तानाशाही का आरोप: कुमारी सैलजा ने सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस वीआईपी के नाम का खुलासा इन्हीं के अपने लोगों ने किया और सरकार ने उनको लीगल इम्यूनिटी देते हुए सिक्किम का राज्यपाल बना दिया. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की बेटियां और उत्तराखंड के लोग इस अपमान को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे. इस अपमान का बदला हर हाल में लेना होगा.
कथित वीआईपी को बचाने में जुटी बीजेपी सरकार: उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का एक-एक जनमानस आज इसलिए आक्रोशित है, जिसका नाम अंकिता केस में कथित वीआईपी के रूप में सामने आया, उसकी पूरी बीजेपी सरकार बचाने में जुट गई है. जबकि, कथित वीआईपी का जिक्र वायरल ऑडियो में खुद बीजेपी के नेता ने किया. उन्होंने इस प्रकरण में सीबीआई जांच को लेकर भी सवाल उठाए.
उन्होंने सवाल उठाया कि जिनका नाम सामने आया, आखिर क्यों ऐसे व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया गया? उनकी ताजपोसी करते हुए उन्हें सिक्किम का राज्यपाल नियुक्त कर दिया गया. कुमारी सैलजा ने कहा कि जब बड़े-बड़े लोग खड़े हो जाते हैं, तो तख्तोताज बदल जाते हैं. इसलिए इनके एक-एक दिन लगातार भारी होते जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि स्वर्गीय इंद्रमणि बडोनी ने इस राज्य के लिए संघर्ष किया था, उसी प्रकार कांग्रेस भी यहां की अस्मिता के लिए संघर्ष करती रहेगी.
