गोरखपुर। नवरात्रि के पहले दिन रविवार को सीएम योगी आदित्यनाथ गोरखपुर में होंगे। बतौर गोरक्षपीठाधीश्वर वह गोरक्षपीठ में शारदीय नवरात्र की विशिष्ट पूजा का शुभारंभ कलश स्थापना के साथ करेंगे। कलश स्थापना का अनुष्ठान गोरखनाथ मंदिर के शक्तिपीठ में शाम 5 बजे से होगा। इसके अगले दिन सोमवार को मुख्यमंत्री, बाढ़ और भारी बारिश से प्रभावित किसानों को कृषि निवेश अनुदान वितरित करेंगे। सोमवार को ही वह भाजपा की तरफ से आयोजित शिक्षक एमएलसी चुनाव की रैली (शिक्षक मतदाता संवाद) को भी संबोधित करेंगे।
शारदीय नवरात्र के पहले दिन (प्रतिपदा), रविवार को गोरक्षपीठ में लोक कल्याण की मंगलकामना के साथ मां जगतजननी की उपासना के विशेष अनुष्ठान का शुभारंभ गोरक्षपीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में पीठ की परंपरा के अनुसार होगा। इस अवसर पर सीएम योगी, गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित शक्तिपीठ के गर्भगृह में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच कलश स्थापित करेंगे। इसके साथ ही शक्तिपीठ के गर्भगृह में देवीभागवत का पारायण पाठ और श्रीदुर्गासप्तशती के पाठ का भी शुभारंभ हो जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर में रात्रि विश्राम के बाद मुख्यमंत्री अगले दिन सोमवार (12 अक्टूबर) पूर्वाह्न मुख्यमंत्री, विगत दिनों बाढ़, अतिवृष्टि, ओलावृष्टि से फसलों को हुई क्षति के एवज में अन्नदाता किसानों को कृषि निवेश अनुदान का वितरण करेंगे। कृषि निवेश अनुदान वितरण का यह कार्यक्रम योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा। इसके बाद सीएम योगी, गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन खंड एमएलसी चुनाव से संबंधित शिक्षक मतदाता संवाद (रैली) को संबोधित करेंगे। यह आयोजन महंत दिग्विजयनाथ पार्क में होगा।
आज से दस दिन होगी मां की आराधना
शारदीय नवरात्र का शुभारंभ हो चुका है। इस वर्ष यह महापर्व 11 अक्तूबर से शुरू होकर दस दिनों का होने वाला है। वहीं, हाथी पर सवार होकर माता का आगमन हो रहा है। ज्योतिषाचार्य पं. शरद चंद मिश्र के अनुसार, 11 अक्तूबर को सूर्योदय सुवह 6:13 बजे होगा और आश्विन शुक्ल प्रतिपदा तिथि रात 8:37 बजे तक रहेगी। चित्रा नक्षत्र रात 10:49 बजे तक रहेगा। चित्रा नक्षत्र और वैधृति योग में कलश स्थापना का निषेध माना गया है। ऐसे में अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 बजे तक कलश स्थापना के लिए विशेष शुभ रहेगा।
हालांकि सूर्योदय के बाद से सूर्यास्त 5:47 बजे तक सामान्य रूप से कलश स्थापना की जा सकती है। उन्होंने बताया कि इस दिन वैधृति योग सम्पूर्ण दिन व रात 10:24 बजे तक रहेगा। साथ ही, पद्म योग नामक फलदाई औदायिक योग भी बन रहे हैं। पर्व का समापन 20 अक्तूबर को विजयादशमी के साथ होगा। वाराणसी से प्रकाशित हृषिकेश पंचांग के अनुसार, माता का गमन चरणायुध (मुर्गे) पर हो रहा है, जो उथल-पुथल और अशांति का प्रतीक माना गया है।
