कानपुर नगर निगम सदन की बैठक में शनिवार को मर्यादा तार-तार हो गई। भरे सदन में गालियों की बौछार संग धक्का-मुक्की और झड़प हुई। एक पार्षद ने मेज पर चढ़ दूसरे पार्षद की तरफ लात चलाई। एक विधायक के नाम पर अपशब्द बोले गए। महापौर और कुछ पार्षदों के हस्तक्षेप पर मामला शांत हुआ।
विवाद तब बढ़ा जब सपा पार्षद रजत कौशिक बाजपेई ने कहा कि हमारे वार्ड का परिसीमन निर्धारित कर दिया जाए। बगल के वार्ड के पार्षद ने हमारे वार्ड में बारातशाला बना ली और अपने वार्ड का कार्यालय खोल लिया। इस पर विकास जायसवाल ने सीधे मेयर प्रमिला पांडेय से कहा कि तो आपने बारातशाला के लिए जगह चिह्नित कर उद्घाटन क्यों कराया? एक विधायक का नाम लेकर कहा कि वार्ड हमारा नहीं है तो विधायक ने चटाई मोहाल वार्ड से ही इंदिरा गांधी की प्रतिमा स्थापित कराने की एनओसी कैसे ले ली? रजत भी तैश में आ गए और अभद्र शब्दों का इस्तेमाल शुरू कर दिया। तब विकास ने कहा कि तुम्हारा विधायक (नाम नहीं लिया) चोर है। एक तरफ ‘टोटी चोर’ का नारा लगा तो दूसरी तरफ ‘पार्षद चोर’ के नारे लगे। रजत विकास की तरफ दौड़े। विकास भी उनकी तरफ दौड़े। रजत के समर्थन में कुछ भाजपा पार्षद भी आ गए और धक्का-मुक्की शुरू हो गई।
नगर निगम की बैठक में हगमागमी
भाजपा के कौशलपुरी मंडल के मंत्री मनीष बाजपेई को नगर निगम के समिति कक्ष में जबरन रोकने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। यह घटना भी उस वक्त की बताई जा रही है जब नगर निगम में सदन की बैठक हो रही थी। भाजपा के ही कुछ पार्षदों ने इसे गुंडाराज तक कह दिया तो एक पार्षद ने तो सदन में ही आत्मदाह कर लेने का ऐलान कर दिया। यह भी आरोप लगाया कि अब बंटी के हाथ संगठन के गिरेबां तक पहुंच गए हैं। मामले को लेकर भाजपा का क्षेत्रीय और जिला संगठन भी हरकत में आ गया है।
कोर कमेटी करेगी जांच
इसे लेकर कानपुर बुंदेलखंड भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष रामकिशोर शाही ने बताया कि नगर निगम में संगठन के पदाधिकारी के साथ बंटी द्वारा शनिवार को जो घटना की गई है उसको संज्ञान में लिया गया है। क्षेत्र और जिला की कोर कमेटी जांच करेगी। कमेटी जो भी रिपोर्ट देगी उसको प्रदेश नेतृत्व को भेज देंगे। वहीं, स्वररूप नगर थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि नगर निगम में हंगामे की सूचना मिली थी। मामला शांत कराने के लिए भाजपा के मंडल मंत्री मनीष बाजपेयी को वहां से हटाया गया था। फिलहाल किसी पक्ष से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। अगर शिकायत मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी। मामले पर नजर रखी जा रही है। जांच भी की जा रही है।
