हरिद्वार: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हरिद्वार से आगामी चुनाव लड़ने की इच्छा जताने के एक दिन बाद शुक्रवार को वो खुद हरिद्वार पहुंचे. हरिद्वार हरकी पैड़ी पर हरीश रावत ने मां गंगा का विधि-विधान से पूजन किया और प्रदेश की खुशहाली की कामना की. इस दौरान पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अपनी राजनीतिक इच्छा और व्यक्तिगत आकांक्षा खुलकर सामने रखी. भावुक अंदाज में रावत ने कहा कि उनकी इच्छा है कि जीवन के अंतिम समय में उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले.
हरिद्वार पहुंचने पर हरीश रावत ने सबसे पहले हरकी पैड़ी पर गंगा पूजन किया. इसके बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि दिल है कि मानता नहीं और यह दिल मांगे मोर. आगे कहा कि जो दिल मांगता है वह पूरा होता भी नहीं है. हरिद्वार से चुनाव लड़ना है या नहीं, यह उस समय की परिस्थितियों, समय, स्वास्थ्य और उम्र पर निर्भर करेगा.
हरीश रावत की अंतिम ईच्छा: हरीश रावत ने कहा कि हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा उनके मन में जरूर है, लेकिन अंतिम निर्णय परिस्थितियों के अनुसार ही लिया जाएगा. उन्होंने अपनी अंतिम इच्छा बताते हुए कहा कि जब भी जीवन का अंतिम समय आए तो उनकी अंतिम यात्रा हरिद्वार के प्रतिनिधि के तौर पर निकले.
रावत की यह टिप्पणी उनकी एक दिन पहले की सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आई है. उन्होंने पोस्ट में हरिद्वार से चुनाव लड़ने की इच्छा जताते हुए कहा था कि हरिद्वार पर उनका कर्ज है और वह यहां की सेवा कर अपना कर्ज उतारना चाहते हैं. इसके बाद शुक्रवार को हरकी पैड़ी पहुंचकर उन्होंने गंगा पूजन किया.
मुख्यमंत्री की ओर से हाल में की गई उनकी सार्वजनिक सराहना के सवाल पर रावत ने कहा कि यह मुख्यमंत्री का शिष्टाचार, सौम्यता और बड़प्पन है. राजनीतिक मतभेदों के बावजूद एक-दूसरे के प्रति सम्मान और शिष्टाचार बनाए रखना लोकतंत्र की स्वस्थ परंपरा है.
चुनाव आयोग पर उठ सवालों पर भी दिया जवाब: वहीं, चुनाव आयोग पर उठ सवालों का भी हरीश रावत ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि राहुल पिछले दो-तीन वर्षों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठाते रहे हैं. रावत ने दावा किया कि हाल में दो चुनाव आयुक्तों के बयानों और रुख से राहुल गांधी की चेतावनियों की पुष्टि हुई है. उन्होंने कहा कि चुनाव कराने वाली संस्थाओं की निष्पक्षता और साख पर सवाल उठना लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाने और उनके खिलाफ महाभियोग चलाने की मांग भी की.
