लखनऊ। आगरा एक्सप्रेसवे के किनारे वरुण विहार में 2847 और सीतापुर रोड की नैमिष नगर आवासीय योजना में 1673 सहित 4520 भूखंडों का पंजीकरण शुरू कर दिया गया है। दोनों आवासीय योजनाएं तीन साल में पूरी होंगी, जहां 50 हजार से अधिक आवास होंगे। वरुण विहार योजना क्षेत्रफल में गोमती नगर से बड़ी है। वहीं, 2166 करोड़ से प्रस्तावित पांच मल्टीस्टोरी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स लेक व्यू, पार्क व्यू, ऐशबाग स्क्वायर, अनंत नगर योजना स्थित अदिति अपार्टमेंट व शारदा नगर विस्तार स्थित वागेश्वरी अपार्टमेंट में 4150 फ्लैट बनेंगे।
इनमें से 1000 फ्लैटों की बुकिंग हो चुकी है शेष का पंजीकरण कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आवासीय योजना का भूमि पूजन व अपार्टमेंट का शिलान्यास करते हुए कहा कि अब एलडीए की वरुण विहार व नैमिष नगर आवासीय योजनाओं में 10 लाख से अधिक लोगों को आवासीय सुविधा मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने आगरा एक्सप्रेसवे के निकट ग्राम दोना में आयोजित कार्यक्रम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 12 हजार करोड़ रुपये की लागत से 10,680 एकड़ में प्रस्तावित आवासीय योजनाओं का भूमिपूजन करने के बाद कहा कि पहले लोग जहां-तहां जमीन खरीदते थे। वहां सड़क, बिजली, पानी आदि व्यवस्था नहीं होती थी और जलजमाव के कारण नारकीय जीवन व्यतीत करना पड़ता था।
जमीन के मालिक ने यदि किसी दबंग या गुंडे को जमीन बेच दी तो भी समस्या होती थी, क्योंकि अनियोजित कार्य का परिणाम भी गलत होता है। लखनऊ की यह तस्वीर बदली है 23 वर्ष बाद 2025 में अनंत नगर योजना शुरू हुई थी। पिछली सरकारों की तरह लखनऊ में अब कट्टा-बम नहीं, बल्कि ब्रह्मोस मिसाइल बन रही है।
सीएम ने कहा कि किसी भी शहर के पश्चिम के दिग्पाल वरुण देवता होते हैं। उसी दिशा में वरुण विहार में 6500 एकड़ क्षेत्रफल में व 4100 एकड़ में नैमिष योजना आकार लेगी। सीएम ने नैमिषारण्य की महत्ता बताते हुए कहा कि आध्यात्मिक व सांस्कृतिक विरासत को जीवंत बनाए रखने के लिए लखनऊ व सीतापुर के सीमावर्ती क्षेत्र में एलडीए नई योजना लेकर आया है।
ये दोनों योजनाएं आने वाले समय में लखनऊ के विस्तार, संभावनाओं और सुरक्षित आवास की दृष्टि से लाई गई हैं। अध्ययनरत छात्रों, हेल्थकेयर में संभावनाओं को बढ़ाने वाले युवाओं, रोजगार की दृष्टि से राजधानी आने वालों और लखनऊ को भविष्य मानकर यहां जीवन व्यतीत करने का विचार रखने वाले नागरिकों के लिए दोनों आवासीय योजनाएं अत्यंत लाभकारी होंगी।
सीएम ने कहा कि लखनऊ व सीतापुर में अब दूरी नहीं होगी बल्कि फोरलेन कनेक्टिविटी होगी। वरुण विहार के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की कनेक्टिविटी देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमारी सरकार में एलडीए व किसानों के बीच कोई मध्यस्थ नहीं रहेगा। योजनाओं में जिन भी किसानों की जमीन आएगी, उन्हें सीधे मुआवजा मिलेगा।
यह भी कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) के रूप में लखनऊ के साथ ही उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, सीतापुर, रायबरेली के क्षेत्रीय विकास का भी प्लान बन रहा है। सभी जिलों में पब्लिक मोबिलिटी, विश्व स्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, शिक्षा, पर्यटन व कनेक्टिविटी आदि की बेहतरी का व्यवस्थित कार्य चल रहा है।
