शिमला। हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस ने मिशन-2027 के तहत संगठन को चुनावी मोड में लाने की प्रक्रिया तेज कर दी है। विधानसभा चुनाव से लगभग 14 महीने पहले पार्टी ने प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पुराने ढांचे में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए संगठन को जिला मुख्यालयों से निकालकर सीधे ब्लॉक और पंचायत-गांव स्तर तक पहुंचाने की रणनीति बनाई है।
अब प्रत्येक जिला और ब्लॉक में 18 अलग-अलग विभागों और सेल की कार्यकारिणी गठित की जा रही हैं। इससे कांग्रेस न केवल विभिन्न सामाजिक और पेशेवर वर्गों तक पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि हर ब्लाक में 500 से 600 सक्रिय कार्यकर्ताओं का नेटवर्क स्थापित करने की योजना बना रही है।
संगठन को इकाइयों में बांटने का निर्णय
पार्टी की गतिविधियां अब तक मुख्य रूप से जिला और ब्लाक कांग्रेस कमेटियों के माध्यम से संचालित होती थीं। नए प्रारूप में संगठन को वर्ग और मुद्दे आधारित इकाइयों में बांटने का निर्णय लिया गया है। कांग्रेस सेवादल, किसान सैल, पंचायतीराज विभाग, अनुसूचित जाति विभाग, पूर्व सैनिक विभाग, इंटरनेट मीडिया विभाग, मानवाधिकार विभाग, शिकायत निवारण सैल, बौद्धिक विभाग, व्यापार सैल, अनुशासन समिति और असंगठित कांग्रेस सहित 18 विभागों और सेलों की जिला और ब्लाक स्तर पर अलग-अलग कमेटियां बनाई जा रही हैं।
हर वर्ग तक पहुंच बनाने की रणनीति
कांग्रेस के इस संगठनात्मक बदलाव का मुख्य उद्देश्य चुनावी तैयारी को मजबूत करना है। पार्टी अब किसान, कर्मचारी, पूर्व सैनिक, व्यापारी, अनुसूचित जाति और पंचायत प्रतिनिधियों जैसे विभिन्न वर्गों के बीच अपनी राजनीतिक मौजूदगी को बढ़ाना चाहती है। प्रत्येक ब्लाक में बड़ी संख्या में सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर, पार्टी नेतृत्व स्थानीय मुद्दों, नाराजगी और राजनीतिक गतिविधियों की जानकारी संगठन तक पहुंचाने का तंत्र तैयार कर रहा है।
इसके साथ ही पृष्ठ प्रभारी और पंचायत अध्यक्षों की नियुक्तियां भी की जा रही हैं। कांग्रेस की कोशिश संगठन की राजनीतिक पहुंच को गांव तक मजबूत करने की है।
संगठन में बदलाव, चुनावी जमीन की तैयारी
इस पूरे प्रयोग को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन की ताकत को परखने और कमजोर कड़ियों को समय रहते बदलने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। अब पार्टी की नजर केवल प्रदेश और जिलास्तर के नेताओं पर नहीं, बल्कि बूथ, पंचायत और ब्लाक स्तर पर सक्रिय कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन पर भी रहेगी।
धरातल पर संगठन को मजबूत करने के लिए नए प्रयोग किए जा रहे हैं। जितने भी पदाधिकारी नियुक्त होंगे, उनके कामकाज की हर तीन महीने बाद समीक्षा की जाएगी। 25 और 26 को प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल भी पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगी।
-विनोद जिंटा, महासचिव (संगठन) हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी।
