यूपी के आजमगढ़ में मंगलवार शाम घर में पूजा करा रही पत्नी और दो पुजारियों की गोली मारकर हत्या करने के बाद बच्चों के साथ छिपे युवक को भी मार गिराया गया है। आरोपी के साथ छह साल और आठ माह की दो बेटियां और चार साल का बेटा था। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए देर रात कमांडो कार्रवाई की गई। लखनऊ से पहुंचे एटीएस के कमांडो पर भी गोलियां चलाई गईं। जवाबी कार्रवाई में युवक को ढेर कर दिया गया। कमरे में आरोपी की 11 साल की बेटी भी घायल मिली। बेटी के हाथ में गोली लगी थी। बनारस से पहुंचे एडीजी ने बताया कि आरोपी ने कमांडो पर पांच राउंड फायरिंग की। इसके जवाब में कमांडो टीम की ओर से चार राउंड गोलियां चलाई गईं।
भूत प्रेत के साया के शक में पत्नी करा रही थी पूजा
शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह पर भूत प्रेत का साया होने का परिजनों को शक था। वह शराब का भी आदी है। अरविंद के ऊपर से भूत प्रेत का साया हटाने के लिए घर में चार दिन से अनुष्ठान चल रहा था। बुधवार को पूर्णाहुति होनी थी। मंगलवार शाम को अरविंद की पत्नी 32 वर्षीय बबिता पूजा पर बैठी थी। अहरौला इलाके के पठखौली गांव निवासी 55 वर्षीय महेंद्र पाठक और छिताना गोझा गांव निवासी 50 वर्षीय अखिलेश मिश्र समेत चार पुजारी अनुष्ठान करा रहे थे।
बताया जा रहा है कि शाम करीब साढ़े छह बजे अरविंद नशे में घर पहुंचा और अनुष्ठान का विरोध करने लगा। इस दौरान अरविंद ने पुजारियों से आधार कार्ड मांगा, जिसे लेकर पुजारियों से बहस होने लगी। बबिता ने जब अरविंद को शांत करने की कोशिश की तो वह और आक्रोशित हो गया और रिवॉल्वर ले आया।
दो पुजारियों ने भागकर बचाई जान
आरोपी ने पहले पत्नी को गोली मारी। फिर दोनों पुजारियों पर भी फायर झोंक दिया। तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। दो अन्य पुजारी और परिजन बाहर भाग गए। गोली चलने की आवाज पर आसपास के लोग घरों से बाहर निकल आए। भागते लोगों को देखकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया था। इसी बीच किसी ने पुलिस को घटना के बारे में सूचना दे दी।
लखनऊ से रात 12.30 बजे पहुंचे एटीएस कमांडो
घटना की जानकारी होने पर डीआईजी सुनील कुमार सिंह और एसएसपी डॉ. अनिल कुमार तीन थानों की फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। रात करीब साढ़े 11 बजे एडीजी वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा भी घटनास्थल पर आए। आरोपी को कमरे से बाहर निकालने के लिए लखनऊ से रात करीब 12.30 बजे एटीएस के दर्जन भर कमांडो पहुंचे। मौके पर पहुंचते ही कमांडों ने मोर्चा संभाला और कार्रवाई शुरू कर दी।
एडीजी ने बताया कि आरोपी अरविंद मानसिक रूप से बीमार था। उसका इलाज भी चल रहा था। परिजनों को आशंका थी कि उसके ऊपर भूत-प्रेत का साया है। इसे लेकर घर में चार दिनों से पूजा पाठ कराया जा रहा था। इसी बात पर विवाद हुआ और उसने पत्नी समेत तीन लोगों की हत्या कर दी। बच्चों को सुरक्षित निकालने के लिए कमांडो कार्रवाई की गई।
