उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हैरान कर देने वाला एक मामला सामने आया है। यहां एक पुजारी ने अवैध संबंध का राज खुलने के डर से डबल मर्डर कर मंदिर परिसर में ही उनकी लाशें दफना दीं। लाशें दफनाने के बाद पुजारी ने वहां इंटरलाकिंग टाइल्स लगवाई और उस पर धुना जला दिया। यह घटना जुलाई महीने की है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जबकि पुजारी नेपाल भाग गया था। वहां से वह कोलकाता आ गया पलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया। बागपत की कोर्ट में पेश करने के बाद पुलिस ने पुजारी को जेल भेज दिया था। सोमवार को जेल पहुंचकर पुलिस ने पुजारी के बयान दर्ज किए।
यह मामला है बागपत के चांदीनगर के गांव सिंगौली तगा के दो दोस्तों अंकित और इसरार की हत्या का। पुलिस सूत्रों के अनुसार पुजारी ने बताया कि अंकित की बहन के साथ उसका प्रेम प्रसंग था। अंकित के हाथ उसके और प्रेमिका के अश्लील फोटो और वीडियो लग गए थे। अंकित ने उसे ब्लैकमेल कर उससे रुपये भी लिए। मंदिर छोड़कर चले जाने की चेतावनी भी दी। फोटो-वीडियो वायरल होने के डर से उसने अपने चेलों के साथ मिलकर अंकित और इसरार की हत्या कर दी। 25 जुलाई को सिंगौली तगा निवासी दिव्यांग 27 वर्षीय अंकित और उसका दोस्त 34 वर्षीय इसरार बाइक से खेकड़ा जाने को कहकर घर से निकले थे, लेकिन वे वापस नहीं आए। 29 जुलाई को अंकित की बहन ने चांदीनगर थाने में दोनों के लापता होने का रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने 13 अगस्त की तड़के करीब तीन बजे लहचौड़ा के श्रीगणेश मंदिर के परिसर से गड्ढे की खोदाई कराई और अंकित, इसरार दोनों के शव बरामद किए।
नशीला इंजेक्शन लगाकर की थी हत्या
पुलिस ने दावा किया था कि मंदिर के पुजारी नरेश नाथ निवासी कुंडेश्वरी काशीपुर, जनपद ऊधमसिंह नगर ने अपने दो शिष्य उज्ज्वल पांचाल निवासी पूरनपुर नवादा और कृष्णा यादव निवासी ग्राम मुलन्ड़ी, जौनपुर के साथ मिलकर 25 जुलाई को चाय में नींद की गोलियां खिलाकर और नशीला इंजेक्शन लगाकर अंकित और इसरार की हत्या की थी। इसके बाद दोनों के शव मंदिर परिसर में गड्ढा खोदकर दबाया और इंटरलाकिंग टाइल्स लगाकर ऊपर धुना जला दिया था। पुलिस ने आरोपी उज्ज्वल और कृष्ण यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मुख्य आरोपी पुजारी नरेश नाथ नेपाल भाग गया था। वहां से वह कोलकाता आ गया और पुलिस ने उसे वहां से गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे बागपत न्यायायल में पेश कर जेल भेज दिया था। सोमवार को न्यायालय से स्वीकृति मिलने के बाद चांदीनगर पुलिस ने जेल पहुंचकर हत्यारोपी पुजारी नरेश नाथ के बयान दर्ज किए।
पुजारी ने यह दिया बयान
चांदीनगर थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि बयानों में पुजारी नरेश नाथ ने बताया कि सिंगौली तगा के अंकित की विवाहित बहन से उसका प्रेम प्रसंग था। वे दोनों कई बार घूमने के लिए तीर्थस्थलों पर गए थे। एक दिन अंकित को उसका मोबाइल मिल गया। मोबाइल में उसके और प्रेमिका के अश्लील फोटो और वीडियो थे। अंकित ने उसके मोबाइल से इन फोटो, वीडियो को अपने मोबाइल में ले लिया था। पुजारी ने अब आरोप लगाया कि इनके जरिए अंकित उसे ब्लैकमेल कर रहा था। कई बार वह उससे पैसे भी वसूल चुका था। वीडियो और फोटो वायरल होने के डर से उसने अपने शिष्यों के साथ मिलकर अंकित की हत्या का प्लान बनाया। घटना वाले दिन अंकित अपने दोस्त इसरार को लेकर मंदिर पहुंचा और उसे डराने-धमकाने लगा। इसके बाद शिष्यों के साथ मिलकर दोनों की हत्या कर दी।
यमुना में फेंकी बाइक और मोबाइल
आरोपी पुजारी ने बताया कि चांदीनगर पुलिस ने पूछताछ के लिए उसे धौली प्याऊ चौकी पर बुलाया तो उसे पकड़ने जाने का डर सताने लगा। इसके बाद उसने उज्ज्वल के साथ बाइक और मृतक के मोबाइल को पूर्वी यमुना नहर और बाइक यमुना नदी में फेंक दी। इसके बाद वह नेपाल चला गया, लेकिन वहां बाढ़ आ गई, जिसके बाद वह कोलकाता पहुंच गया।
तीन साल पहले भी कोलकाता गया था पुजारी
पुलिस जांच में पता चला कि नरेश नाथ तीन साल पहले भी कोलकाता गया था और करीब एक महीने तक वहीं रहा था। इस बार नेपाल में बाढ़ आने के बाद वह सीधे कोलकाता पहुंचा और अपने परिचितों के साथ भिक्षु बनकर रहने लगा। उसने स्मार्ट फोन के स्थान पर छोटा फोन रखना शुरू कर दिया।
