हमीरपुर: हिमाचल में पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. हमीरपुर के सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के चौरी-बमसन में आयोजित पंचायती राज प्रतिनिधि सम्मान समारोह में नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और प्रदेश सरकार पर कई सवाल उठाए. जयराम ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा के गुट गिनते रहे और भाजपा चुनाव जीतती चली गई. उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान हुए सड़क निर्माण कार्यों का भी जिक्र किया और सरकार की कार्यशैली पर निशाना साधा.
‘सड़क निर्माण का रिकॉर्ड न टूटा है और न कभी टूटेगा’
जयराम ने कहा कि उनकी सरकार के कार्यकाल में हिमाचल में करीब 4700 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवाया गया था. उन्होंने दावा किया कि सड़क निर्माण का यह रिकॉर्ड न तो टूटा है और न ही कभी टूटेगा. उन्होंने कहा कि उनके लिए यह मायने नहीं रखता था कि लोग उन्हें किस नाम से बुलाते हैं. उनका ध्यान केवल हिमाचल के विकास पर था.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पांच साल तक चुपचाप काम किया और उनका लक्ष्य प्रदेश को विकास की राह पर आगे ले जाना था. उन्होंने कहा कि आमतौर पर किसी सरकार के पांच साल के कार्यकाल में करीब 2400 किलोमीटर सड़क निर्माण होता था, लेकिन भाजपा सरकार के दौरान सड़क निर्माण का काम लगभग दोगुना किया गया. जयराम ने कहा कि सड़क निर्माण में तेजी लाने के लिए उन्होंने लोक निर्माण विभाग अपने पास रखा था, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके.
‘कुर्सी बचाने के लिए दिल्ली जा रहे मुख्यमंत्री’
जयराम ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर मुख्यमंत्री पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपनी कुर्सी बचाने के लिए बार-बार दिल्ली जा रहे हैं, जबकि उनके मंत्री मुख्यमंत्री को हटाने के लिए दिल्ली जा रहे हैं. जयराम ने कहा कि जब वह मुख्यमंत्री थे, तब दिल्ली जाने का उद्देश्य हिमाचल के लिए ज्यादा से ज्यादा विकास योजनाएं और परियोजनाएं लाना होता था. उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार में मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों से सलाह लेने के बजाय अपने मित्रों से सलाह लेकर फैसले करते हैं. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अपने अलावा किसी दूसरे की बात नहीं सुनते और कई मामलों में अपनी मर्जी से निर्णय लेते हैं.
पंचायत चुनावों में देरी को लेकर साधा निशाना
जयराम ने कहा कि पंचायती राज प्रतिनिधि लोकतंत्र की जमीनी व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनका अपमान किसी भी सूरत में सहन नहीं किया जा सकता. उन्होंने पंचायत चुनावों में देरी को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा. उनका दावा था कि चुनाव टालने के लिए हर तरह के प्रयास किए गए, लेकिन चुनाव होने के बाद जनता ने अपना जनादेश दे दिया. उन्होंने नगर निगम चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि चार नगर निगमों में से तीन में भाजपा का कब्जा हुआ. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भाजपा के गुट गिनते रहे और भाजपा चुनाव जीतती चली गई. हालिया पंचायती राज और स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर जयराम ने इसी तरह के दावे पहले भी किए हैं.
