देहरादून: वन भूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ देहरादून वन प्रभाग बड़ी कार्रवाई की है. जिसके तहत वन विभाग की टीम ने झाझरा रेंज के कंडोली 1 क्षेत्र में 1,015 वर्ग मीटर आरक्षित वन भूमि को कब्जामुक्त कराया है. वन विभाग की मानें तो इस भूमि पर साल 2006-07 से अनधिकृत निर्माण किया गया था, जिसे नियमानुसार ध्वस्त कर जमीन को दोबारा विभाग के कब्जे में लिया गया.
खास बात ये है कि वन विभाग की जमीने से अतिक्रमण हटाने के विभागीय आदेश के खिलाफ हुई कानूनी लड़ाई में भी विभाग का पक्ष बरकरार रहा. साल 2017 में हाईकोर्ट ने रिट याचिका और 2025 में विशेष अपील खारिज कर दी थी. न्यायिक आदेशों के अनुपालन में अब कार्रवाई की गई है. वहीं, पूरे कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के प्रतिनिधि भी मौके पर मौजूद रहे.
1,015 वर्गमीटर आरक्षित वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त: देहरादून में आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है. झाझरा रेंज के कंडोली 1 क्षेत्र में विभाग ने 1,015 वर्गमीटर आरक्षित वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया. वनभूमि पर किए गए अनधिकृत निर्माण को नियमानुसार ध्वस्त कर दिया गया और इसके बाद जमीन को दोबारा वन विभाग के कब्जे में ले लिया गया.
वन विभाग के मुताबिक, कंडोली 1 क्षेत्र में आरक्षित वनभूमि पर साल 2006-07 से अनधिकृत रूप से निर्माण किया गया था. मामले में विभाग की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी. लंबे समय तक चले इस प्रकरण में विभागीय स्तर के साथ-साथ न्यायालय में भी मामला पहुंचा. इसके बावजूद वनभूमि पर किए गए निर्माण को वैधता नहीं मिल सकी.
मामले में सबसे पहले 7 अगस्त 2009 को निर्माण हटाने के आदेश पारित किए गए थे. इसके बाद संबंधित पक्ष की ओर से विभागीय स्तर पर अपील की गई, जिसे 4 सितंबर 2009 को निरस्त कर दिया गया. इसके बाद मामला नैनीताल हाईकोर्ट पहुंचा. 20 सितंबर 2017 को हाईकोर्ट ने संबंधित रिट याचिका को खारिज कर दिया. इसके बाद भी मामला समाप्त नहीं हुआ और विशेष अपील संख्या 1083/2017 दाखिल की गई.
आरक्षित वनभूमि को वन विभाग ने लिया वापस: इस अपील को भी 9 जून 2025 को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया. न्यायालय से विभाग के पक्ष में आदेश आने के बाद अब वन विभाग ने मौके पर कार्रवाई करते हुए अतिक्रमित भूमि को कब्जामुक्त कराया है. कार्रवाई के दौरान अवैध निर्माण को हटाने के साथ ही आरक्षित वनभूमि को विभागीय कब्जे में वापस लिया गया.
आरक्षित वनभूमि पर अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण नहीं किया जाएगा बर्दाश्त: वन विभाग का कहना है कि आरक्षित वनभूमि पर किसी भी तरह का अतिक्रमण या अनधिकृत निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा. विभाग की ओर से वनभूमि की सुरक्षा और सीमाओं की रक्षा के लिए आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है.
“वन क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखना विभाग की प्राथमिकता है. ऐसे मामलों में कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रभावी कार्रवाई की जाएगी.“- वैभव कुमार सिंह, डीएफओ, देहरादून
