शिमला। हिमाचल प्रदेश के विधायकों की पहचान दूर से हो जाएगी। उन्हें वाहन पर लगाने के लिए जल्द ही अलग पहचान वाली नीले रंग की विशिष्ट झंडी मिल जाएगी। विधायक इसका इस्तेमाल राज्य से बाहर भी कर सकेंगे।
विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने वीरवार को मानसून सत्र के समापन से पूर्व सदन को बताया कि सभी विधायकों के लिए विधानसभा की विशिष्ट झंडी तैयार कर दी है। यह एक सप्ताह में सभी सदस्यों को उपलब्ध करवा दी जाएगी।
विधानसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदस्य सुविधा समिति की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया है। विधायकों के लिए अलग झंडी की मांग विधानसभा में कई बार उठती रही है। विधायकों का तर्क था कि आम लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच उनके वाहनों की अलग से पहचान नहीं हो पाती है। विधानसभा क्षेत्र में दौरे के दौरान और प्रदेश से बाहर जाने पर भी विधायक की गाड़ी को पहचानने में परेशानी होती है।
इस कारण कई विधायकों ने निजी अथवा सरकारी गाड़ियों के आगे और पीछे के शीशों पर एमएलए लिखवा रखा है। अब विधानसभा की ओर से आधिकारिक नीली झंडी मिलने के बाद विधायकों को वाहनों पर अलग से एमएलए लिखवाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। झंडी वाहन पर विधायक की संवैधानिक एवं जनप्रतिनिधि के तौर पर पहचान को स्पष्ट करेगी।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद बदली वाहनों की पहचान
विधायकों की गाड़ियों पर झंडी और पहचान लंबे समय से चली आ रही व्यवस्था का हिस्सा रही थी। वाहनों पर लाल बत्ती और फ्लैशर के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के 10 दिसंबर 2013 के फैसले के बाद व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया।
इसके बाद वाहनों पर लाल बत्ती के इस्तेमाल को सीमित कर दिया गया। केंद्र सरकार ने एक मई 2017 से सभी रंगों की बीकन लाइट पर रोक लागू कर दी। आपातकालीन और कुछ अन्य सेवाओं को इससे बाहर रखा गया। इन बदलावों के बाद निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के वाहनों की पहचान भी खत्म हो गई। विधायकों की गाड़ियों से झंडी और फ्लैशर की व्यवस्था भी समाप्त हो गई।
विधायकों की झंडी के लिए कब-कब क्या हुआ
- मई 2021: जयराम सरकार ने विधायकों की निजी गाड़ियों पर विशेष झंडी लगाने का प्रस्ताव स्वीकार किया।
- जून 2021: सरकार ने मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया। प्रविधान किया कि बिना प्राधिकार के कोई भी वाहन झंडी या फ्लैग राड का उपयोग नहीं कर सकता।
- मार्च 2023: बजट सत्र में विधायकों की गाड़ियों के चालान पर हंगामा हुआ। विधायकों ने झंडी व पहचान की अनुमति न मिलने पर आपत्ति जताई।
- दिसंबर 2023: शीतकालीन सत्र में विधायकों ने फिर मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री सुक्खू ने आश्वासन दिया कि कानूनी पहलुओं पर चर्चा के बाद निर्णय लेंगे।
- जुलाई 2026: हिमाचल मंत्रिमंडल ने विधायकों को वाहन पर झंडी देने से जुड़ा प्रस्ताव पारित किया।
