यूपी की योगी सरकार में पंचायती राज विभाग के मंत्री ओपी राजभर और अधिकारियों के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने अपने विभाग के प्रमुख सचिव अनिल कुमार और निदेशक अमित सिंह की शिकायत मंगलवार को मुख्यमंत्री से कर दी है। इसे लेकर कई तरह की चर्चाएं है। यह भी कहा जा रहा है कि उच्च स्तर पर हुए निर्णय को लागू न करने की विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली से खफा हैं। अब वह उन्हें हटाना चाहते हैं।
ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी को लेकर मंत्री ओम प्रकाश राजभर खफा हैं। चुनाव नजदीक होने और अभी तक पहले ही चरण की डिजिटल लाइब्रेरी का काम भी पूरा न होने से वह नाराज हैं। दूसरी ओर विभाग में यह चर्चा है कि मंत्री ने जिस एजेंसी को काम देने के निर्देश दिए थे, अधिकारियों ने उसे न देकर दूसरी एजेंसी को दे दी। इससे मंत्री का पारा चढ़ गया, हालांकि राजभर की ओर से यह भी कहा जा रहा है कि उन्होंने किसी खास एजेंसी को कभी काम देने की सिफारिश नहीं की।
राजभर की नाराजगी भले ही डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा न होने को लेकर बताई जा रही हो लेकिन वह विभाग में अन्य कार्यों में बरती जा रही लापरवाही से भी खफा हैं। उनकी ओर से इस बात को लेकर भी नाराजगी है कि जो उच्च स्तर पर तय किया जाता है, उसे भी लागू नहीं किया जाता। मल का निस्तारण परियोजना के काम में भी लापरवाही बरते जाने से भी वह अधिकारियों पर नाराज हैं।
उनकी ओर से इस बात पर आपत्ति उठाई गई कि एक तरफ पहले चरण की डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा होने की रिपोर्ट ऊपर भेजी गई है तो दूसरी ओर 16 जिलों के डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई को लिखा गया है। सही रिपोर्ट न दिए जाने के साथ ही संभल व उन्नाव की डिजिटल लाइब्रेरियों में घटिया सामग्री की आपूर्ति किए जाने के भी कागज दिए गए हैं ।
पंचायती राज की योजनाओं के प्रचार-प्रसार की धनराशि भी मनमाने ढंग से अधिकारियों पर खर्च किए जाने का वह आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल, वह डिजिटल लाइब्रेरी का काम किसी खास एजेंसी को दिए जाने के आरोप से आहत हैं। मौखिक रूप से प्रमुख सचिव व निदेशक को हटाने के लिए भी उन्होंने कहा है।
यूपी में यह पहला मामला नहीं है जब कोई मंत्री अपने अधिकारियों से इस तरह से खफा है। इससे पहले मंत्री आशीष पटेल, अनिल राजभर,दयाशंकर सिंह की भी अपने विभागीय मंत्रियों को लेकर मुख्यमंत्री तक शिकायतें आ चुकी हैं। मंत्री को बिना बताए बड़े पैमाने पर तबादले तक कर देने का मामला पिछले दिनों आया था।
