देहरादून। धामी सरकार ने उपनल कर्मियों को बड़ी राहत देते हुए उनकी सर्विस ब्रेक के प्रविधान को समाप्त कर दिया। यानी अभी कार्यरत उपनल कर्मी बीच में कभी लंबे अवकाश पर रहा हो तो उसकी यह अवधि सेवा में रूकावट यानी सर्विस ब्रेक नहीं मानी जाएगी। उन्हें भी समान पद समान वेतन का लाभ दिया जाएगा। साथ ही सरकार ने उन्हें समान कार्य के लिए समान वेतन की चरणबद्ध व्यवस्था भी तय कर दी है।
तीन चरणों में दिया जाएगा समान पद समान वेतन का लाभ
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सचिवालय में मंगलवार को हुई कैबिनेट की बैठक में 18 फैसलों पर मुहर लगी। फैसलों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री के अपर सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया कि बैठक में उपनल कर्मियों के संबंध में अहम निर्णय लिया गया। इसमें स्पष्ट किया गया कि पहले चरण में एक जनवरी, 2016 से पूर्व नियोजित कार्मिकों को समान कार्य के लिए समान वेतन दिए जाने की कार्यवाही की जा रही है।
दूसरे चरण में एक जनवरी, 2016 से 12 नवंबर 2018 तक नियोजित कार्मिकों को इसके दायरे में लाया जाएगा। यह कार्यवाही इसी वर्ष नौ नवंबर से शुरू की जाएगी।
स्वीकृत से अधिक पदों पर तैनाती के मामलों में सृजित होंगे नए पद
तीसरे चरण में 13 नवंबर, 2018 से 15 अक्टूबर, 2024 तक के कार्मिकों को इस दायरे में लाया जाएगा। यह प्रक्रिया एक अप्रैल, 2017 से प्रारंभ की जाएगी। यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी विभाग में किसी स्वीकृत पद के सापेक्ष अतिरिक्त उपनल कर्मी तैनात हैं तो उपनल से नियुक्ति की तिथि के वरीयता क्रम में वरिष्ठता सूची बनाई जाएगी और वरिष्ठों को पहले नियमित पदों के सापेक्ष तैनात किया जाएगा। शेष को स्वीकृत पद के सापेक्ष कार्ययोजित होने तक उसी विभाग के संवर्ग में सीधी भर्ती के प्रारंभिक पद के सापेक्ष वेतनमान के आधार पर रखा जाएगा।
पद उपलब्ध न होने की स्थिति में अधिसंख्य पदों का सृजन किया जाएगा। इस प्रकार के समायोजन व अधिसंख्य पद सृजन पर त्वरित निर्णय के लिए शासन स्तर पर अलग समिति गठित की जाएगी।
अग्निवीर प्रकोष्ठ को पदों समेत दी स्वीकृति
कैबिनेट ने एक अहम निर्णय के तहत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के क्रम में अगले वर्ष सेना से वापस लौटने वाले अग्निवीरों को राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए अग्निवीर प्रकोष्ठ के गठन को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस प्रकोष्ठ के लिए छह पदाें का भी सृजन किया गया है। इनमें उप निदेशक का एक पद, सहायक निदेशक व कनिष्ठ सहायक के दो-दो पद और डाटा एंट्री आपरेटर के एक पद समेत कुल छह पदों के सृजन को स्वीकृति प्रदान की गई है।
अदाणी से 25 वर्षों के लिए 1320 मेगावॉट बिजली खरीदेगा प्रदेश
उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड प्रदेश में ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए न्यूनतम बोलीदाता के रूप में सामने आए अदाणी पावर लिमिटेड से 5.746 प्रति यूनिट के टैरिफ पर काेयला बिजली की खरीद करेगा। 25 वर्षों में लगभग 1320 मेगावॉट बिजली की खरीद होगी। ऊर्जा विभाग के इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति प्रदान कर दी है। अदाणी ग्रुप यह बिजली छत्तीसगढ़ में उत्तराखंड को आवंटित कोल ब्लॉक से बनाएगा।
ये भी हुए प्रमुख फैसले
- अब उत्तराखंड आने वाले हाइब्रिड वाहनों को भी देना होगा ग्रीन सेस
- लोकायुक्त खाेजबीन समिति के कार्य व नामों के पैनल चयन की रीति निर्धारित करने को बनेगी नियमावली
- दवाओं व उपकरण की खरीद को मेडिकल सप्लाई कारपोरेशन का होगा गठन
- राज्य सहकारी नीति को कैबिनेट ने दी स्वीकृत
बलिदानी सैनिकों की लगेंगी मूर्तियां
उत्तराखंड के वीर बलिदानियों के संबंध में कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। इसके तहत बलिदानी सैनिकों की मूर्तियां उनके पैतृक गांवों में स्थापित की जाएंगी।
