देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को दून में आयोजित रक्षाबंधन समारोह में मातृशक्ति के बीच पहुंचे। उन्हाेंने कहा कि रक्षाबंधन के अवसर पर वह मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि एक भाई के रूप में अपनी बहनों के बीच आए हैं।
उन्होंने महिलाओं को भरोसा दिलाया कि किसी बहन या बेटी को परेशानी होने पर वह अपनी समस्या मुख्यमंत्री कार्यालय तक पहुंचा सकती है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है, जहां बेटियां सुरक्षित हों, महिलाएं आत्मनिर्भर हों, माताएं सम्मान के साथ जीवन बिताएं और युवा अपने भविष्य को लेकर आश्वस्त रहें।
रविवार को जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म और हाथीबड़कला स्थित सर्वे स्टेडियम में आयोजित समारोहों में बड़ी संख्या में महिलाओं ने मुख्यमंत्री को रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने बहनों से मिले स्नेह और आशीर्वाद के प्रति आभार जताते हुए कहा कि मातृशक्ति का विश्वास ही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है।
सर्वे स्टेडियम में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी की ओर से आयोजित रक्षाबंधन समारोह में करीब 20 हजार बहनों ने उनकी कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा और उनके स्वस्थ, दीर्घायु एवं सुख-समृद्धि की कामना की। समारोह में मुख्यमंत्री के साथ ही राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर और भाजपा संसदीय बोर्ड एवं केंद्रीय चुनाव समिति की सदस्य सुधा यादव विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहीं।
समारोह में वीर नारियों की विशेष उपस्थिति रही। गढ़वाली, कुमाऊंनी और नेपाली संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में रंग भर दिया। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने भी गणेश जोशी की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा। वहीं, गणेश जोशी की पत्नी निर्मला जोशी और भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी ने मुख्यमंत्री धामी को राखी बांधी।
समारोह में राज्यमंत्री विनय रोहिला, भाजपा प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, ज्योति कोटिया, शमशेर सिंह बिष्ट, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ अग्रवाल आदि उपस्थित रहे। जीएमएस रोड स्थित चौधरी फार्म में आयोजित कार्यक्रम में आयोजक जोगिंदर सिंह पुंडीर, उत्तराखंड आपदा प्रबंधन राज्य सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष विनय कुमार रोहिला सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं।
रक्षा सूत्र प्रेम, विश्वास और सुरक्षा का संकल्प: राहटकर
राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष विजया राहटकर ने कहा कि भारतीय संस्कृति में पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि सामाजिक संदेश और संस्कारों के प्रतीक हैं। रक्षाबंधन पर बहन द्वारा भाई की कलाई पर बांधा जाने वाला रक्षा सूत्र प्रेम, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की रक्षा का अर्थ केवल उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान और आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना भी है।
20 हजार बहनों का स्नेह जनसेवा का प्रमाण
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम के साथ-साथ स्नेह, विश्वास, समर्पण और सुरक्षा के संकल्प का पर्व है। उन्होंने कहा कि करीब 20 हजार बहनों द्वारा गणेश जोशी को राखी बांधना उनके प्रति मातृशक्ति के अपार स्नेह, विश्वास और आशीर्वाद का प्रतीक है। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता गणेश जोशी के साथ उनके आत्मीय जुड़ाव और सम्मान को दर्शाती है।
34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां के लिए सबसे बड़ी खुशी अपने बेटे-बेटी को रोजगार हासिल कर आत्मनिर्भर होते देखना है। इसी भावना को ध्यान में रखते हुए सरकार ने पिछले पांच वर्षों में 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी देने का काम किया है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए नकल विरोधी कानून लागू किया गया और भर्ती परीक्षाओं में सुधार किए गए हैं।
28 और 29 अगस्त को महिलाओं के लिए मुफ्त रोडवेज यात्रा
रक्षाबंधन पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं को विशेष सौगात देते हुए 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड रोडवेज की बसों में निश्शुल्क यात्रा की घोषणा की। इससे महिलाएं रक्षाबंधन पर अपने मायके और परिवारजनों से मिलने के लिए मुफ्त यात्रा कर सकेंगी।
