लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक बार फिर अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति को लेकर अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत बुधवार व गुरुवार को पुलिस ने तीन अपराधियों को मुढभेड़ में मार गिराया, जबकि 36 मुठभेड़ में 46 अपराधी घायल हुए हैं।
पुलिस ने घायलों सहित 61 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने बताया कि पुलिस की यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
राज्य में भाजपा की सरकार आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस को अपराध के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति पर काम करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद से लेकर वर्ष 2017 से लेकर अप्रैल तक 269 अपराधियों को पुलिस मुठभेड़ में ढेर किया गया था।
वहीं, मुठभेड़ में 10,990 अपराधी घायल हुए। साथ ही 85,118 अपराधियों के विरुद्ध गैंगस्टर अधिनियम तथा 977 अपराधियों के विरुद्ध एनएसए की कार्रवाई की गई है। पुलिस ने अपराधियों की 14,500 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति भी जब्त की है।
यूपी के चिह्नित 68 माफिया व उनके गिरोह के कुल 1,459 सदस्यों के विरुद्ध 875 अभियोग पंजीकृत कर 638 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।
यूपी पुलिस द्वारा पिछले दिनों से अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत हुई कुल 36 में सबसे अधिक आठ मुठभेड़ मुजफ्फरनगर में हुई हैं। इन मुठभेड़ में 10 अपराधी घायल हुए।
पुलिस ने मुजफ्फरनर से घायलों सहित 11 अपराधियों को गिरफ्तार किया है। जबकि हरदोई व मथुरा में हुई मुठभेड़ में तीन अपराधी मारे गए हैं। पिछले नौ वर्षों में पुुलिस ने 269 अपराधियों को मुठभेड़ में मार गिराया था, अब इनकी संख्या बढ़कर 272 हो गई है। वहीं पुलिस मुठभेड़ में घायल अपराधियों की संख्या 11,051 हो गई है।
डीजीपी ने बताया कि यूपी पुलिस अपराधियों की कमर तोड़ने के साथ-साथ अदालत में मजबूत पैरवी कर ज्यादा से ज्यादा अपराधियों को सलाखों के पीछे भी पहुंचा रही है।
पिछले नौ वर्षों में संबंधित अदालतों में प्रभावी पैरवी कर कुल 1,25,985 से अधिक अभियुक्तों को दोष सिद्ध कराया जा चुका है। 79 अपराधियों को मृत्युदंड, 10,414 को आजीवन कारावास और 1,921 अपराधियों को 20 वर्ष से अधिक की सजा दिलाई गई।
