चंडीगढ़। सेना से लौटे हरियाणा के अग्निवीरों को द्वितीय श्रेणी पदों पर एक प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। तृतीय श्रेणी पदों पर पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। पुलिस कॉस्टेबल, वन रक्षक, जेल वार्डर, माइनिंग गार्ड, वन्य जीव गार्ड और फायर ऑपरेटर सह चालक के पदों पर 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।
सामान्य पात्रता परीक्षा के साथ ही पुलिस भर्ती में शारीरिक जांच परीक्षण से छूट दी जाएगी, लेकिन तृतीय श्रेणी पदों के लिए विभागीय लिखित परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा। आरक्षण नीति में संशोधन करते हुए मानव संसाधन विभाग की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यह निर्देश पूर्व अग्निवीरों को सीधी भर्ती में आरक्षण प्रदान करने संबंधी सरकार के 20 अगस्त 2025 और 20 जुलाई 2026 के आदेश को रद करते हुए जारी किए गए हैं।
नई व्यवस्था आगामी एक सितंबर से लागू होगी। 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण के अंतर्गत वंचित अनुसूचित जाति के लिए दो प्रतिशत, अन्य अनुसूचित जाति के लिए दो प्रतिशत, बीसी-ए के लिए तीन प्रतिशत, बीसी-बी के लिए दो प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस के लिए दो प्रतिशत तथा अनारक्षित श्रेणी के लिए नौ प्रतिशत आरक्षण निर्धारित किया गया है। इसी प्रकार निर्धारित विशेष पदों को छोड़कर अन्य ग्रुप-सी पदों में पूर्व अग्निवीरों के लिए पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जाएगा।
इसमें वंचित अनुसूचित जाति तथा अन्य अनुसूचित जाति के लिए एक-एक प्रतिशत, बीसी-ए तथा बीसी-बी के लिए निर्धारित प्रावधानों के अनुसार एक प्रतिशत तथा शेष तीन प्रतिशत ईडब्ल्यूएस एवं अनारक्षित श्रेणी के लिए होगा। कौशल विशेषज्ञता से संबंधित ग्रुप-बी पदों पर पूर्व अग्निवीरों के लिए एक प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रविधान किया गया है।
इसका उद्देश्य सैन्य सेवा एवं प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल को सरकारी भर्ती में मान्यता देना है। भर्ती प्रक्रिया पूरी होने के बाद पूर्व अग्निवीरों का चयन उनकी संबंधित श्रेणी में मेरिट के आधार पर किया जाएगा और उनका चयन उनकी संबंधित ऊर्ध्वाधर (वर्टिकल) श्रेणी के आरक्षित पद के विरुद्ध किया जाएगा।
निर्धारित लिखित परीक्षा देना अनिवार्य रहेगा
पूर्व अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में महत्वपूर्ण राहत देते हुए पुलिस कांस्टेबल, फारेस्ट गार्ड, वार्डर, माइनिंग गार्ड और वाइल्डलाइफ गार्ड के पदों के लिए आवश्यक फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (पीएसटी) से छूट प्रदान की गई है। हालांकि भर्ती एजेंसी द्वारा निर्धारित लिखित परीक्षा में पूर्व अग्निवीरों को शामिल होना होगा।
ग्रुप-सी पदों की भर्ती के लिए पूर्व अग्निवीरों को कामन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) से छूट का मौजूदा प्रावधान भी जारी रहेगा। इसके अलावा विज्ञापित पद के लिए उनके प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त कौशल से संबंधित कौशल परीक्षा से भी उन्हें छूट दी जाएगी। हालांकि, निर्धारित लिखित परीक्षा देना अनिवार्य रहेगा। इन छूटों का लाभ संबंधित पदों के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा जारी विज्ञापन के अंतर्गत आवेदन करते समय प्रदान किया जाएगा।
