शिमला। प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर अर्बन नक्सल जैसी गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि देश को तोड़ने की मंशा रखने वाले तत्वों को समाज को पहचानना होगा और उनसे दूरी बनानी होगी।
लोक भवन में मीडिया से बात करते हुए कहा कि आंतरिक सुरक्षा की चर्चा करते हुए राज्यपाल ने कहा कि 2014 के बाद नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक प्रहार हुआ है और पूर्वोत्तर में शांति स्थापित हुई है। जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी और सीमा पार समर्थित आतंकवाद पर प्रभावी लगाम लगी है।
उन्होंने राष्ट्र निर्माण और मातृभूमि के प्रति समर्पण का आह्वान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा वंदे मातरम् के सामूहिक गायन के साथ स्वतंत्रता दिवस समारोह के आगाज को एक नए युग की शुरुआत करार दिया। राज्यपाल ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में ऊर्जा और बलिदान की अलख जगाने वाले इस राष्ट्रीय गीत को पुनः जन-जन तक पहुंचाना गौरव का विषय है।
राज्यपाल ने कहा कि 1947 में देश की आजादी के लिए अनगिनत वीरों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन दुर्भाग्यवश आजादी के बाद वंदे मातरम् को पाठ्यक्रम और रोजमर्रा के जीवन से दूर कर दिया गया। अब इसके 150 वर्ष पूर्ण होने पर इसे पुनः प्रतिष्ठित किया जा रहा है।
उन्होंने जोर दिया कि स्कूली पाठ्यक्रम और दैनिक प्रार्थना सभाओं में वंदे मातरम् को प्रमुखता मिलनी चाहिए, ताकि नई पीढ़ी में राष्ट्रभक्ति के संस्कार दृढ़ हों। राज्यपाल ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे तिरंगे की आन-बान-शान और देश की प्रगति के लिए एकजुट हों। उन्होंने कहा कि देश हमें सब कुछ देता है, अब वक्त है कि प्रत्येक नागरिक भी देश को कुछ न कुछ देने का संकल्प ले।
खेल, तकनीक और युवा शक्ति पर जोर
राज्यपाल ने भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि देश आर्थिक, रक्षा और तकनीक के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। प्रधानमंत्री के एक करोड़ युवाओं को एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ट्रेनिंग देने के संकल्प के साथ-साथ उन्होंने खेलों में भी भारत को अग्रणी बनाने की बात कही।
