शिमला। हिमाचल प्रदेश में मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में नई नियुक्तियों से पहले कांग्रेस की सियासत अचानक गरमा गई है। मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू बुधवार को बिलासपुर दौरे के बीच अचानक दिल्ली रवाना हो गए। बिलासपुर दौरे पर गए मुख्यमंत्री का 15 अगस्त को शिमला लौटने का कार्यक्रम था, लेकिन बुधवार को उनके कार्यक्रम में अचानक बदलाव किया गया। इसके बाद वह दिल्ली के लिए रवाना हुए।
दिल्ली में अहम बैठक
मुख्यमंत्री के अचानक दिल्ली पहुंचने के साथ ही प्रदेश कांग्रेस में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। वीरवार को मुख्यमंत्री की कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ अहम बैठक प्रस्तावित है। बैठक में उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार और प्रदेश मामलों की प्रभारी रजनी पाटिल के भी शामिल होने की संभावना है। बैठक को मंत्रिमंडल विस्तार और संगठन में होने वाले बदलावों से जोड़कर देखा जा रहा है।
दिल्ली में जुटे कांग्रेस के बड़े चेहरे
उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री भी दिल्ली पहुंच चुके हैं। उन्होंने बुधवार दोपहर कांग्रेस की प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल से मुलाकात की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार भी दिल्ली पहुंच गए हैं। एक साथ कई वरिष्ठ नेताओं के दिल्ली पहुंचने से प्रदेश कांग्रेस में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।
सुंदर ठाकुर का मंत्री बनना लगभग तय
मंत्रिमंडल में एक नए चेहरे की एंट्री को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ मानी जा रही है। कुल्लू से विधायक सुंदर सिंह ठाकुर का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है। लंबे समय से मंत्रिमंडल में कुल्लू को प्रतिनिधित्व देने की मांग उठती रही है। ऐसे में ठाकुर को मंत्री पद मिलना क्षेत्रीय और राजनीतिक संतुलन साधने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है।
नए मंत्री के शामिल होने के साथ ही मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल की भी चर्चा है। सरकार के भीतर किसी एक मंत्री को मंत्रिमंडल से हटाए जाने की अटकलें भी तेज हैं। हालांकि इस पर अंतिम फैसला विधानसभा सत्र के बाद होने की संभावना है।
विधानसभा उपाध्यक्ष पद पर भी मंथन
विधानसभा उपाध्यक्ष के पद को लेकर भी कांग्रेस के भीतर लॉबिंग तेज है। पालमपुर से विधायक आशीष बुटेल का नाम इस दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है। नगर निगम चुनाव में कांग्रेस को जीत दिलाने में उनकी भूमिका को देखते हुए उन्हें इसका राजनीतिक इनाम मिलने की चर्चा है। संजय रत्न समेत कुछ अन्य विधायकों के नाम भी संभावित दावेदारों में बताए जा रहे हैं।
सरकार के साथ संगठन में भी बदलाव
कांग्रेस की सियासी हलचल केवल सरकार तक सीमित नहीं है। अगले सप्ताह संगठन में भी कई अहम पदों पर नियुक्तियां होने की संभावना है। यही वजह है कि प्रदेश के नेताओं की दिल्ली दौड़ ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है।
विनय कुमार व विक्रमादित्य पहुंचे थे दिल्ली
इससे पहले प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार ने दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात की थी। लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह भी कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात कर शिमला लौट चुके हैं। अब मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के दिल्ली दौरों ने इन अटकलों को और हवा दे दी है कि अगला सप्ताह हिमाचल कांग्रेस की राजनीति में बड़े बदलाव लेकर आ सकता है।
