हरियाणा में प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए अब लोगों से सीधे सुझाव लिए जाएंगे। सरकार अक्तूबर से दिसंबर 2026 तक ‘सुधार उत्सव’ चलाएगी। अभियान का मकसद केवल शिकायतें जुटाना नहीं, बल्कि ऐसी समस्याओं और सुझावों की पहचान करना है, जिनके समाधान से बड़ी संख्या में लोगों को फायदा हो।
अभियान की शुरुआत 2 अक्तूबर से गांवों में जन मंथन सभाओं के साथ होगी। ग्राम पंचायतों में अधिकारियों के साथ सांसद, विधायक और स्थानीय प्रतिनिधि लोगों से संवाद करेंगे। कॉमन सर्विस सेंटर और ‘माई भारत’ स्वयंसेवकों के जरिए भी सुझाव दर्ज कराने की सुविधा मिलेगी। स्कूलों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठनों, व्यापारियों, उद्योगों और आरडब्ल्यूए को भी जोड़ा जाएगा।
सुझावों को तीन चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा—जन मंथन, विमर्श और जन समाधान। 10 अक्तूबर से 30 नवंबर तक विभाग सुझावों की जांच कर उन्हें त्वरित और मध्यम अवधि के सुधारों में बांटेंगे। जो काम तुरंत हो सकते हैं, उन्हें लागू किया जाएगा, जबकि बड़े बदलावों के लिए कार्ययोजना तैयार होगी। 10 अक्तूबर से 20 दिसंबर तक जन समाधान चरण में अमल पर जोर रहेगा।
हर सुझाव को सुधार नहीं माना जाएगा। यह देखा जाएगा कि उसका लाभ व्यापक हो, समस्या के मूल कारण का समाधान हो और उसे दूसरी जगह भी लागू किया जा सके। लागू सुधारों की प्रगति वेबसाइट और डैशबोर्ड पर दिखाई जाएगी।
25 से 27 दिसंबर तक ‘संकल्प सिद्धि’ कार्यक्रम में सफल सुधारों और उनके परिणामों को सामने रखा जाएगा। राज्य और जिला स्तर पर निगरानी के लिए समन्वय व्यवस्था भी बनेगी। राज्य सरकार की योजना है कि नागरिकों के सुझाव सीधे प्रशासनिक बदलाव और बेहतर सरकारी सेवाओं में दिखाई दें।
