हरियाणा में अक्टूबर से दिसंबर तक चलेगा ‘सुधार उत्सव’
सुझावों पर समयबद्ध कार्रवाई, परिणामों की होगी निगरानी
चंडीगढ़, 11 अगस्त-हरियाणा में अब प्रशासनिक सुधारों में प्रदेश के नागरिकों की अहम भूमिका होगी। राज्य सरकार लोगों को प्रशासनिक सुधारों की प्रक्रिया से सीधे जोड़ने के लिए ‘सुधार उत्सव’ आयोजित करने जा रही है। सुधार उत्सव अक्टूबर से दिसंबर 2026 तक आयोजित किया जाएगा। इसका उद्देश्य नागरिकों को सरकारी प्रक्रियाओं से जुड़ी समस्याओं की पहचान करने और उनके समाधान सुझाने का अवसर देना है। साथ ही, इस अभियान का उद्देश्य इन सुझावों को विचार से लेकर वास्तविक सुधार तक पहुंचाने के लिए एक व्यवस्था तैयार करना है।
इस अभियान के माध्यम से ऐसे सुझावों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनसे केवल किसी एक व्यक्ति को नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में नागरिकों और पूरे समुदाय को लाभ मिल सके। इसकी शुरुआती तैयारियां इसी माह से शुरू होंगी और विभागों में जागरूकता बढ़ाने के साथ ही 10 सितंबर, 2026 तक राज्य कार्ययोजना भी तैयार की जाएगी।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने आज इसकी तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि नागरिकों से प्राप्त उपयोगी सुझाव न केवल दर्ज किए जाएं, बल्कि उनकी स्पष्ट जांच, प्राथमिकता निर्धारण और समयबद्ध क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए, ताकि सुझावों को वास्तविक सुधारों में बदला जा सके और उनके परिणाम का भी आकलन किया जा सके।
राज्य सरकार इस अभियान को राज्य मुख्यालय तक सीमित न रखते हुए गांवों, कस्बों और शहरों तक लेकर जाएगी, ताकि अधिक से अधिक नागरिक इसमें भाग ले सकें।
उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि सुधार उत्सव के तीन प्रमुख चरण होंगे-जन मंथन, विमर्श और जन समाधान। जन मंथन चरण में नागरिक सुधार उत्सव की वेबसाइट और विभिन्न जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से अपने सुझाव दे सकेंगे। विमर्श चरण में विभाग इन सुझावों की समीक्षा करेंगे और ऐसे सुझावों का चयन करेंगे, जिनसे व्यवस्था में व्यापक और महत्वपूर्ण सुधार संभव हो। जन समाधान चरण में तेजी से लागू किए जा सकने वाले सुधारों को लागू किया जाएगा, जबकि बड़े और जटिल सुधारों के लिए आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने बताया कि पूरी प्रक्रिया केवल सुझाव एकत्र करने तक सीमित नहीं रहेगी। सुझावों पर विचार-विमर्श के बाद उन्हें ठोस कार्रवाई में बदलने और उसकी प्रगति को सुधार उत्सव की वेबसाइट पर पारदर्शी तरीके से प्रदर्शित करने की व्यवस्था की जाएगी।
मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य समन्वय समिति गठित की जाएगी, जो विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, अभियान की प्रगति की निगरानी और आवश्यक बदलाव सुनिश्चित करेगी। विभिन्न विभागों से तालमेल स्थापित करने और स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए राज्य और जिला स्तर पर संपर्क बिन्दु भी स्थापित किए जाएंगे। सुझाव प्राप्त करने, चयनित सुझावों की प्रगति की निगरानी करने तथा राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सुधारों की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए समर्पित वेबसाइट और डैशबोर्ड भी तैयार किया जाएगा।
इस अभियान का प्रमुख चरण 2 अक्टूबर से शुरू होगा। इस दौरान प्रत्येक ग्राम पंचायत में जन मंथन सभाएं आयोजित की जाएंगी। इन सभाओं में नागरिकों के साथ जिला प्रशासन के अधिकारी, सांसद, विधायक, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी संवाद करेंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए ‘माई भारत’ के स्वयंसेवकों और कॉमन सर्विस सेंटरों के माध्यम से हैल्प डेस्क भी स्थापित किए जाएंगे, जहां लोग मौके पर अपने सुझाव दर्ज करा सकेंगे।
सूचना, जनसंपर्क, भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक डॉ. आदित्य दहिया ने बताया कि इस अभियान को व्यापक जनभागीदारी से जोड़ने के लिए ग्राम पंचायतों, स्थानीय सभाओं, स्कूलों, महिला स्वयं सहायता समूहों, किसान संगठनों, व्यापारियों, औद्योगिक इकाइयों, सहकारी संस्थाओं और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों को शामिल किया जाएगा। ऑनलाइन एवं जनसंचार माध्यमों के साथ सोशल मीडिया, स्थानीय रेडियो, टेलीविजन, व्हाट्सऐप और एसएमएस के माध्यम से भी अभियान का व्यापक प्रचार किया जाएगा।
सुधार उत्सव की एक खास बात यह होगी कि व्यक्तिगत शिकायत और ऐसे सुझावों के बीच अंतर किया जाएगा, जिनसे पूरी व्यवस्था में सुधार संभव हो। किसी सुझाव को सुधार के रूप में स्वीकार करने के लिए यह देखा जाएगा कि उसका लाभ व्यापक स्तर पर हो, उससे समस्या के मूल कारण का समाधान हो, भविष्य में सकारात्मक बदलाव ला सके, उसे अन्य स्थानों पर भी लागू किया जा सके और उससे स्पष्ट रूप से बेहतर व्यवस्था का रास्ता निकलता हो।
10 अक्टूबर से 30 नवंबर तक विभाग प्राप्त सुझावों की समीक्षा करेंगे और उनका त्वरित तथा मध्यम अवधि में लागू किए जा सकने वाले सुधारों में वर्गीकरण करेंगे। त्वरित सुधारों को तुरंत लागू किया जाएगा, जबकि मध्यम अवधि के सुधारों के लिए स्पष्ट कार्ययोजना तैयार की जाएगी। ऐसे सुधार, जिनमें एक से अधिक विभागों के सहयोग की आवश्यकता होगी, उन्हें राज्य समन्वय समिति के समक्ष रखा जाएगा।
10 अक्टूबर से 20 दिसंबर तक चलने वाले जन समाधान चरण में मुख्य रूप से सुधारों के क्रियान्वयन पर ध्यान दिया जाएगा। त्वरित सुधारों की प्रगति वेबसाइट पर नियमित रूप से अपडेट की जाएगी तथा मध्यम अवधि के सुधारों की कार्ययोजना भी सार्वजनिक की जाएगी।
अभियान का समापन 25 से 27 दिसंबर तक संकल्प सिद्धि कार्यक्रम के साथ होगा। इसमें सफल सुधारों, बेहतर कार्यप्रणालियों और उनके परिणामों को प्रदर्शित किया जाएगा। केन्द्र सरकार द्वारा बेहतर प्रदर्शन करने वाले राज्यों और जिलों के साथ सक्रिय ग्राम पंचायतों, शहरी निकायों, नागरिकों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को भी सम्मानित किया जाएगा।
मुख्य सचिव श्री अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह पहल केवल सुझाव प्राप्त करने का अभियान नहीं, बल्कि नागरिक भागीदारी के माध्यम से वास्तविक और परिणामोन्मुखी प्रशासनिक सुधार लाने का एक व्यापक अभियान है। नागरिकों को व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं को सामने रखने के लिए एक स्पष्ट माध्यम उपलब्ध कराते हुए तथा इन सुझावों को विभागीय समीक्षा, निर्धारित समय-सीमा और सार्वजनिक निगरानी से जोड़कर, सरकार ऐसी शासन व्यवस्था विकसित करने की दिशा में कार्य कर रही है, जिसमें नागरिकों की भागीदारी से वास्तविक बदलाव आए और सरकारी सेवाओं में स्पष्ट एवं प्रत्यक्ष सुधार दिखाई दे।
बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक श्री यश गर्ग, हरियाणा लोक सेवा आयोग के सचिव श्री पंकज, निगरानी एवं समन्वय की विशेष सचिव डॉ. प्रियंका सोनी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
