चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में स्टेट फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर मिल्स की समीक्षा बैठक में गन्ने की नई और अधिक उत्पादन देने वाली किस्मों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दिया गया। उच्च गुणवत्ता वाली किस्में तैयार करने के लिए रोहतक, महम, पानीपत और करनाल शुगर मिलों में चार टिशू कल्चर लैब स्थापित की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर अच्छी किस्मों का बीज दूसरे राज्यों से भी मंगाया जाएगा।
इससे गन्ने की उत्पादकता और चीनी की रिकवरी बढ़ाने में मदद मिलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 4 फीट की दूरी पर चौड़ी कतारों में गन्ना लगाने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि 3 हजार से बढ़ाकर 5 हजार रुपये प्रति एकड़ कर दी है।
हर चार महीने में किसानों से संवाद के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सभी सहकारी चीनी मिलों के प्रबंध निदेशकों को हर चार महीने में किसानों के साथ बैठक करने के निर्देश दिए। गन्ना तुलाई केंद्रों पर सुझाव पेटियां भी लगाई जाएंगी। इनमें किसान अपनी समस्याएं और सुझाव दे सकेंगे। अधिकारियों को इन शिकायतों पर समयबद्ध कार्रवाई करनी होगी।
