देहरादून/विकासनगर: उत्तराखंड में आज से देश के प्रति सम्मान, समर्पण और गौरव के उत्सव ‘हर घर तिरंगा यात्रा’ का शुभारंभ किया गया. इस अवसर पर आज देहरादून में भाजपा की तिरंगा यात्रा निकाली. इस यात्रा में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने हर घर तिरंगे का संदेश दिया.
साथ ही सीएम धामी ने इस अवसर पर राज्य आंदोलन के महान नायक स्व. श्री इंद्रमणी बडोनी एवं भारत रत्न बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी. सीएम धामी ने कहा हमारा तिरंगा करोड़ों भारतवासियों के स्वाभिमान और एकता का प्रतीक है. इसकी आन, बान और शान की रक्षा के लिए माँ भारती के वीर सपूतों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया है.
सीएम धामी ने कहा आप सभी से निवेदन है कि स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराकर भारत की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले सेनानियों को नमन करें.साथ ही सीएम धामी ने कहा पीएम मोदी के के नेतृत्व में अमृतकाल का भारत अब झुकता नहीं, आंखों में आंख डालकर अपनी बात कहता है। आत्मनिर्भरता के संकल्प के साथ भारत आज विश्व पटल पर अपनी नई पहचान गढ़ रहा है.
विकासनगर में तैयार हो रहे तिरंगे: वहीं, विकासनगर- सहसपुर की स्वंय सहायता समूह द्वारा तैयार किए जा रहे राष्ट्रीय ध्वज हर घर तिरंगा अभियान की शान ,रीप द्वारा सिलाई यूनिट की स्थापना से महिलाओं द्वारा राष्ट्रीय ध्वज के काम को व्यापक स्तर मिला है. राष्ट्रीय ध्वज बनाकर समूह की महिलाएं राष्ट्रीय उत्सव में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही हैं.
ये महिलाएं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वोकल फॉर लोकल’ के आह्वान और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को सहसपुर ब्लॉक की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं साकार कर रही हैं. ग्रामीण महिलाओं के हाथों से तैयार हो रहा सूती कपड़े का हैंडमेड तिरंगा इस बार ‘हर घर तिरंगा’ अभियान को नई गति प्रदान कर रहा हैं. सहसपुर ब्लॉक के शंकरपुर स्थित सिलाई यूनिट में समूह की महिलाओं ने अब तक 5,000 से अधिक तिरंगे तैयार कर लिए हैं. रीप ( ग्रामीण उद्यमिता एवं आजीविका परियोजना) और एनआरएलएम (राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ) के माध्यम से तिरंगों की लगातार बढ़ती मांग से महिलाओं के हुनर और अपनी प्रतिभा दिखाने का एक सुनहरा अवसर भी मिल रहा है.
यहां हर वर्ष 15 अगस्त और 26 जनवरी के लिए बड़ी संख्या में राष्ट्रीय ध्वज तैयार किये जाते हैं. स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न राजनीतिक दलों से भी इन हैंडमेड तिरंगों की अच्छी मांग रहती है. हैंडमेड तिरंगा निर्माण ने ग्रामीण महिलाओं को केवल रोजगार ही नहीं दिया, बल्कि आत्मसम्मान और आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहचान भी दिलाई है. बीते 26 जनवरी के अवसर पर तिरंगा निर्माण एवं बिक्री से समूह की महिलाओं ने लगभग 1 लाख रुपये की बचत अर्जित की है.
यूनिट बनी स्वरोजगार का साधन: शंकरपुर स्थित सिलाई यूनिट का सफल संचालन कर रही जयमाला ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक साधन बताया. जयमाला ने बताया इस यूनिट के माध्यम से ग्रामीण महिलाएं रोजगार के लिए सशक्त हुई है. साथ ही उन्हें विभाग की मदद से कई राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने के ऑर्डर भी मिलते हैं. जिससे उन्हें मार्केट में अपनी अलग पहचान बनाने का अवसर भी मिल रहा है.
विभाग भी खरीद रहा महिलाओं के हैंडमेड तिरंगे: जिला परियोजना प्रबंधक रीप सोनम गुप्ता ने बताया रीप परियोजना के तहत सहसपुर ब्लॉक में सिलाई यूनिट की स्थापना की थी. इसी यूनिट में आस्था क्लस्टर लेवल फेडरेशन की महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज बनाने का कार्य कर रही हैं. उन्होंने बताया पूर्व में भी 15 अगस्त और 26 जनवरी के लिए यह महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज बनाती आ रही हैं. यूनिट के स्थापित होने से इस बार महिलाएं बड़े स्तर पर झंडे बनाने का कार्य कर रही हैं. सोनम ने बताया कि इस यूनिट में 15 से 20 महिलाएं राष्ट्रीय ध्वज बनाने का कार्य कर रही हैं. हर घर तिरंगा अभियान में राष्ट्रीय ध्वज की आवश्यकता को देखते हुए समूह की महिलाओं से तिरंगे भी खरीदे जा रहे हैं.
हर घर तिरंगा अभियान से जुड़े लोग: मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सामने बताया मुख्यमंत्री के निर्देशन में रीप ( ग्रामीण उद्यमिता एवं आजीविका परियोजना) और एनआरएलएम ( राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ) के माध्यम से स्वयं सहायता समूह की ग्रामीण महिलाएं अपने पसंदीदा क्षेत्र में बहुत अच्छा कार्य कर रही हैं. उन्होंने बताया आगामी 15 अगस्त को देखते हुए समूह की महिलाएं विभिन्न आकार के झंडे बना रही हैं.
