देहरादून: नैनीताल जिले के हल्द्वानी में एसएसपी दफ्तर के अंदर हुए हंगामे पर राजनीतिक सरगर्मी तेज है. चर्चा कांग्रेस के बड़े नेताओं द्वारा किए गए हंगामे और गाली गलौज को लेकर हो रही है. तमाम बयानों के बीच अब इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी घटना पर चिंता जताते हुए कांग्रेसी नेताओं को आड़े हाथों लिया है.
हल्द्वानी में एसएसपी कार्यालय के अंदर कांग्रेस नेताओं के हंगामे को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा है. मुख्यमंत्री ने घटना पर चिंता जताते हुए साफ कहा कि, लोकतंत्र में हिंसा और इस तरह के व्यवहार के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के व्यवहार को भी गलत बताया.
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के कार्यक्रम के दौरान हुए घटनाक्रम को लेकर उत्तराखंड की सियासत गर्म है. कांग्रेस की ओर से आरोप लगाया गया था कि, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आ रही बसों को पुलिस और प्रशासन की ओर से रोका गया. इसी मामले को लेकर कांग्रेस नेताओं और पुलिस प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति पैदा हुई थी.
नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल और पार्टी के अन्य नेता नैनीताल के एसएसपी मंजूनाथ टीसी के कार्यालय पहुंचे थे. इस दौरान कार्यालय के भीतर नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस और हंगामे की स्थिति बनी. घटना से जुड़े वीडियो भी सामने आए, जिनमें कथित तौर पर कांग्रेस नेताओं की पुलिस अधिकारियों के साथ तीखी नोकझोंक और गाली-गलौज के आरोप लगाए जा रहे हैं. इसके बाद से ही यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बना हुआ है.
अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया दी है. देहरादून में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री से हल्द्वानी में हुए हंगामे को लेकर सवाल पूछा गया. जवाब में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा और कहा कि,
“लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है. कांग्रेस को जनता पहले ही नकार चुकी है और यही वजह है कि अब पार्टी के लिए लोगों को जुटाना मुश्किल हो गया है. आम जनता कांग्रेस के साथ जुड़ना नहीं चाहती. हल्द्वानी में कांग्रेस नेताओं की ओर से किया गया हंगामा इसी नाराजगी का परिणाम है. कांग्रेस के नेता अपनी पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के कार्यक्रम के लिए भी लोगों को नहीं जुटा पा रहे हैं. इसी हताशा और नाराजगी के चलते कांग्रेस नेताओं ने पुलिस कार्यालय में जाकर हंगामा किया.“
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड-
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल का नाम लेते हुए उनके व्यवहार पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि,
“जिस तरह से हंगामा किया गया और गाली-गलौज से जुड़े वीडियो सामने आए हैं, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है. लोकतंत्र में अपनी बात रखने और विरोध करने का अधिकार सभी को है, लेकिन इसके लिए हिंसा या अभद्र व्यवहार का रास्ता नहीं अपनाया जा सकता.“
-पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री उत्तराखंड-
ये है मामला: हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के दौरान पार्टी की ओर से पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए गए थे. कांग्रेस का कहना था कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आने वाली बसों को रोका गया, जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी बढ़ी.
इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नैनीताल के एसएसपी कार्यालय पहुंचे थे. वहां नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई. घटना का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर हमला तेज कर दिया, जबकि कांग्रेस ने पूरे मामले को पुलिस प्रशासन की कथित मनमानी और पार्टी कार्यकर्ताओं को रोकने से जोड़कर देखा.
अब मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मामला एक बार फिर सियासी बहस के केंद्र में आ गया है. एक ओर भाजपा इसे कांग्रेस की हताशा और लोकतांत्रिक मर्यादाओं के उल्लंघन से जोड़ रही है. वहीं कांग्रेस की ओर से पुलिस प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ऐसे में हल्द्वानी का यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में उत्तराखंड की सियासत में और तूल पकड़ सकता है.
वहीं, मामले पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल का कहना है कि,
“सरकार के इशारे पर कार्यक्रम को असफल करने की कोशिश की गई. लोकतंत्र को तार-तार किया गया. लोगों को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से रोकने को कोशिश हुई और इसमें पुलिस के अफसरों ने बीजेपी कार्यकर्ताओं को तरह काम किया. यही आक्रोश कांग्रेसियों में था. इसी का विरोध करने के लिए एसएसपी के कार्यक्रम में सभी गए थे, जहां धरना दिया गया. लोकतंत्र में अधिकारी बीजेपी पदाधिकारी की तरह काम करेंगे, तो ऐसे अधिकारियों को चिह्नित भी किया जाएगा.“
-गणेश गोदियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष-
