शिमला। हिमाचल कांग्रेस कमेटी की राजनीति मामलों (पॉलिटिकल अफेयर्स) की बैठक फिर से टल गई है। यह दूसरा मौका है जब बैठक को अपरिहार्य कारणों से टालना पड़ा है। पहले बैठक धर्मशाला में प्रस्तावित थी।
हाईकमान के निर्देशानुसार ही बैठक का स्थान चंडीगढ़ के नजदीक कसौली में तय किया गया था। यहां पर बैठक के लिए बाकायदा सारी तैयारियां पूरी कर दी थी। वीरवार सुबह ही बैठक को स्थगित करने का निर्णय लिया गया।
दिल्ली में संसद का सत्र चला है। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल बैठक के लिए समय नहीं निकाल पाए। ऐसे में उन्होंने अभी यह बैठक स्थगित कर दी है।
अब बैठक की अगली तारीख संसद सत्र के बाद तय की जाएगी। इससे पहले धर्मशाला में पिछले महीने 16 जुलाई को यह बैठक रखी गई थी। तब पंजाब में कांग्रेस के बीच सियासी घमासान मचा हुआ था लिहाजा केसी वेणुगोपाल वहां रुके थे। अब लोकसभा का सत्र चल रहा है और वहां पर भी सियासत काफी ज्यादा गरमाई हुई है। ऐसे में वेणुगोपाल इस बैठक के लिए समय नहीं निकाल पाए हैं।
लटक सकता है कैबिनेट विस्तार व फेरबदल
अब देखना होगा कि आगे आने वाले दिनों में कौन सी तारीख इस बैठक के लिए निर्धारित होती है। बैठक टलने से मंत्रिमंडल विस्तार व मंत्रियों के विभागों में फेरबदल का मामला भी लटक सकता है। इस बैठक में सरकार और संगठन की समीक्षा की जानी है।
इसलिए अहम है बैठक
बैठक अहम है क्योंकि इसमें हाईकमान न केवल सरकार की साढ़े तीन साल की परफार्मेंस का आकलन करेगा। वहीं भविष्य में क्या कुछ करना है, इसके लिए रणनीति तैयार की जाएगी। यह रणनीति आने वाले साल के लिए महत्वपूर्ण होगी, क्योंकि कांग्रेस को वापस सत्ता में लाने का लक्ष्य तय किया जाएगा। संगठन के लिए भी यह बैठक अहम रहेगी।
संगठन विस्तार के साथ सरकार में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जानी है। क्योंकि अब चुनाव के लिए केवल एक साल कुछ महीने का समय ही शेष बचा है इसलिए नाराजगी को दूर करने की कोशिश भी कांग्रेस हाईकमान करेगा। ऐसे में इस बैठक का सभी इंतजार कर रहे हैं, जो दूसरी बार टल गई है।
