शिमला। हिमाचल में आधारभूत ढांचे और विकास कार्यों को गति देने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ी वित्तीय सहायता प्रदान की है। वित्त मंत्रालय ने 2026-27 के लिए पूंजी निवेश की विशेष सहायता योजना के तहत 403.92 करोड़ रुपये की पहली किस्त जारी की है।
इस योजना के तहत हिमाचल के लिए 3,049.20 करोड़ की 50-वर्षीय ब्याजमुक्त ऋण सहायता स्वीकृत की गई है, जिसमें यह पहली किस्त शामिल है। यदि इस फंड का उपयोग अन्य कार्यों में किया गया या दिशानिर्देशों का उल्लंघन हुआ तो भविष्य में राज्य को मिलने वाले केंद्रीय करों से संबंधित राशि काट ली जाएगी।
केंद्र ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार को राशि को सिंगल नोडल एजेंसी (एसएनए) खाते के माध्यम से 10 कार्य दिवसों के भीतर और अधिकतम 30 दिन में संबंधित कार्यान्वयन एजेंसियों को हस्तांतरित करना होगा। यदि समय सीमा का पालन नहीं किया गया, तो विलंब अवधि का ब्याज राज्य सरकार को केंद्र को देना होगा।
एसएनए खाते पर अर्जित ब्याज भी केंद्र को वापस जमा कराना होगा। इस सहायता से प्रदेश में सड़कों, पुलों, जल शक्ति और अन्य आधारभूत ढांचा परियोजनाओं को गति मिलने की उम्मीद है। मौजूदा वित्तीय परिस्थितियों में इसे विकास कार्यों के लिए महत्वपूर्ण राहत माना जा रहा है।
फंड पार्किंग और नियम उल्लंघन पर सख्ती
वित्त मंत्रालय ने निर्देश दिए हैं कि अंतिम लाभार्थी तक भुगतान पहुंचे बिना किसी खाते में राशि रोककर रखना (फंड पार्किंग) खर्च नहीं माना जाएगा। पूरी राशि का उपयोग 31 मार्च 2027 तक करना अनिवार्य होगा। साथ ही जिन परियोजनाओं के लिए यह सहायता स्वीकृत हुई है, उनमें केंद्र की पूर्व अनुमति के बिना कोई बदलाव नहीं किया जा सकेगा।
