देहरादून: प्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेता अमन वर्मा ने शुक्रवार को रिंग रोड स्थित उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद (UFDC) कार्यालय में परिषद के नोडल अधिकारी के.एस. चौहान से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने राज्य की फिल्म नीति, सुविधाओं और शूटिंग लोकेशंस की विस्तृत जानकारी ली। कार्यालय आगमन पर उनका प्रसिद्ध जागेश्वर मंदिर का प्रतीक चिह्न भेंट कर भव्य स्वागत किया गया।
उत्तराखंड में ‘किस्मत पैलेस’ नाटक का होगा मंचन
बैठक के दौरान अमन वर्मा ने उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और फिल्म नीति की जमकर सराहना की।
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फिल्म योजना: उन्होंने बताया कि वह जल्द ही राज्य की खूबसूरत लोकेशंस पर अपनी आगामी फिल्म की शूटिंग की योजना बना रहे हैं।
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थिएटर शो: उन्होंने जानकारी दी कि 26 जुलाई को शाम 7 बजे हिमालयन कल्चरल सेंटर, नींबूवाला (देहरादून) में उनके प्रसिद्ध नाटक ‘किस्मत पैलेस’ का मंचन किया जाएगा।
फिल्म निर्माताओं को मिल रहीं ये बड़ी सुविधाएं
उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी के.एस. चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य को फिल्म शूटिंग हब के रूप में विकसित किया जा रहा है:
1. भारी-भरकम सब्सिडी और छूट
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3 करोड़ रुपये तक की सब्सिडी: राज्य में शूट होने वाली हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को ₹3 करोड़ तक की सब्सिडी दी जा रही है।
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वेब सीरीज व विदेशी फिल्में: ओटीटी प्लेटफॉर्म की वेब सीरीज और विदेशी फिल्मों के लिए भी विशेष प्रोत्साहन योजनाएं लागू हैं।
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फ्री शूटिंग व डिस्काउंट: राज्य में शूटिंग शुल्क (Shooting Fee) पूरी तरह से माफ कर दिया गया है। साथ ही GMVN और KMVN गेस्ट हाउसों में ठहरने पर विशेष छूट दी जा रही है।
2. सिंगल विंडो सिस्टम (Single Window System)
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7 दिनों में परमिशन: फिल्म निर्माताओं को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, इसके लिए सिंगल विंडो पोर्टल के जरिए 7 दिनों के भीतर ऑनलाइन अनुमति दी जा रही है।
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सुरक्षा व्यवस्था: शूटिंग के दौरान लोकेशन पर पुख्ता सुरक्षा इंतजाम मुहैया कराए जाते हैं।
स्थानीय रोजगार और भविष्य का लक्ष्य
के.एस. चौहान ने बताया कि अनुकूल नीतियों के चलते उत्तराखंड में हर साल 200 से अधिक फिल्मों, वेब सीरीज और टीवी धारावाहिकों की शूटिंग हो रही है। इससे न केवल पर्यटन को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि स्थानीय कलाकारों और तकनीशियनों को रोजगार के नए अवसर भी मिल रहे हैं।
“हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के फिल्म निर्माताओं की पहली पसंद बनाना है।” — के.एस. चौहान, नोडल अधिकारी (उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद)
