देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश में मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और वन्यजीव-आधारित पर्यटन के जरिए स्थानीय लोगों की आजीविका को मजबूत करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और स्थानीय आर्थिकी के बीच एक आदर्श संतुलन बनाकर काम किया जाए।
शुक्रवार को सचिवालय (विश्वकर्मा भवन) में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की 23वीं बैठक और राज्य स्तरीय बाघ संचालन समिति की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने आधुनिक तकनीक और जनसहभागिता के उपयोग पर विशेष बल दिया।
बैठक के प्रमुख फैसले और निर्देश
1. राहत, मुआवजा और नागरिकों का सम्मान
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साहसिक कार्य के लिए सम्मान: मानव-वन्यजीव संघर्ष के दौरान दूसरों की जान बचाने वाले साहसी नागरिकों को राज्य स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
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समयबद्ध मुआवजा: वन्यजीव हमलों के पीड़ितों और उनके परिजनों को निर्धारित समय सीमा के भीतर मुआवजा राशि उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए गए।
2. संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में आधुनिक सुरक्षा उपाय
प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित निगरानी और राहत कार्यों के लिए निम्नलिखित व्यवस्थाएं की जा रही हैं:
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त्वरित प्रतिक्रिया दल (QRT – Quick Response Team) की तैनाती।
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ड्रोन तकनीक, कैमरा ट्रैप नेटवर्क और सर्प बचाव (Snake Rescue) किट का वितरण।
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प्रभावित ग्रामीण इलाकों में सोलर लाइट और प्रकाश की उचित व्यवस्था।
3. जनहित और विकास परियोजनाओं को मंजूरी
राज्य वन्यजीव बोर्ड ने संरक्षित क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे के विकास को हरी झंडी दिखाई, जिसे राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड की स्थायी समिति को भेजा जाएगा:
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राजाजी राष्ट्रीय उद्यान: गैस पाइपलाइन बिछाने की अनुमति।
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अन्य संरक्षित क्षेत्र: सड़क निर्माण, ITBP अवसंरचना और ऑप्टिकल फाइबर केबल (OFC) नेटवर्क का विस्तार।
टाइगर रिजर्व सुरक्षा और भविष्य की योजनाएं
बाघ संचालन समिति की बैठक में मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा:
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एआई (AI) और तकनीक: एआई-आधारित निगरानी, वन्यजीव कॉरिडोर (Corridors) का संरक्षण और प्राकृतिक जल स्रोतों का विकास।
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टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स: कॉर्बेट और राजाजी टाइगर रिजर्व के लिए विशेष टाइगर प्रोटेक्शन फोर्स का गठन।
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कुंभ मेला तैयारी: आगामी हरिद्वार कुंभ के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष QRT टीमें तैनात रहेंगी।
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पर्यावरण-अनुकूल पर्यटन: सफारी के लिए ईको-फ्रेंडली वाहनों को बढ़ावा देने और वन्यजीव अपराधों पर सख्ती से लगाम लगाने की योजना।
“विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाकर कार्य करना हमारी प्राथमिकता है। हर नागरिक की सुरक्षा और वन्यजीवों का संरक्षण साथ-साथ होना चाहिए।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
