देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को देहरादून के त्यागी रोड स्थित एक निजी होटल में संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित ‘समरसता संकल्प अभियान’ की प्रदेश कार्यशाला में प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री ने संत रविदास के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनका जीवन और विचार समाज में समानता, मानवता और सामाजिक न्याय का अनुपम संदेश देते हैं।
संत रविदास के विचार आज भी प्रासंगिक
मुख्यमंत्री ने संत रविदास के दर्शन को याद करते हुए कहा:
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कुरीतियों पर प्रहार: संत रविदास ने समाज में व्याप्त छुआछूत, जातिगत भेदभाव और ऊंच-नीच जैसी कुरीतियों के खिलाफ अलख जगाई। उन्होंने कर्म, चरित्र और विचारों की शुद्धता को ही मनुष्य की असली पहचान बताया।
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‘मन चंगा तो कठौती में गंगा’: उनका यह अमर संदेश आज भी समाज को आंतरिक पवित्रता और सद्भाव की प्रेरणा देता है।
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‘बेगमपुरा’ का आदर्श: संत रविदास द्वारा परिकल्पित ‘बेगमपुरा’ एक ऐसे आदर्श समाज का प्रतीक है, जहां कोई दुखी न हो और सभी को समान अधिकार मिलें।
अंत्योदय और सुशासन पर सरकार का ध्यान
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र और राज्य सरकार संत रविदास के दिखाए मार्ग पर चलते हुए ‘सबका साथ, सबका विकास’ और अंत्योदय के सिद्धांत पर काम कर रही है:
1. जनकल्याणकारी योजनाएं
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गरीब कल्याण: स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, पीएम आवास, जनधन और जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने समाज के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति के जीवन को आसान बनाया है।
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पर्वतीय विकास: उत्तराखंड सरकार पर्वतीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार और युवाओं के लिए पारदर्शी रोजगार व्यवस्था सुनिश्चित कर रही है।
2. समान नागरिक संहिता (UCC)
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मुख्यमंत्री ने उल्लेख किया कि समाज में समानता और समान अधिकारों की भावना को मजबूती देने के लिए ही राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू की गई है।
जन-जन तक संदेश पहुंचाने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने कार्यकर्ताओं और समाजसेवियों से ‘समरसता संकल्प अभियान’ को हर गांव, मोहल्ले और घर-घर तक ले जाने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता और भाईचारे की भावना से ही संत रविदास के खुशहाल और समरस समाज के सपने को साकार किया जा सकता है।
कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, पार्टी कार्यकर्ता और अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
“सामाजिक समरसता और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना ही हमारे राज्य और देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएगी।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री (उत्तराखंड)
