देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री आवास में पूर्व अपर सचिव आर.सी. लोहनी द्वारा लिखित पुस्तक ‘सेवा विधि’ का विमोचन किया। मुख्यमंत्री ने पुस्तक को सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बेहद उपयोगी बताते हुए कहा कि यह सेवा नियमों, संवैधानिक प्रावधानों, शासनादेशों और न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों को सरल एवं व्यवस्थित रूप में प्रस्तुत करने वाली व्यवहारिक मार्गदर्शिका है।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि एक कुशल लोकसेवक के लिए ईमानदारी के साथ-साथ नियमों, कानूनों और प्रशासनिक प्रक्रियाओं की गहरी समझ होना भी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अधिकारियों और कर्मचारियों को उनके अधिकारों, कर्तव्यों और सेवा नियमों की स्पष्ट जानकारी प्रदान करेगी, जिससे वे अपने कार्यों को अधिक दक्षता और आत्मविश्वास के साथ पूरा कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा का उद्देश्य केवल नियमों का पालन करना नहीं, बल्कि जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देना है। अधिकारियों और कर्मचारियों को नियमों की भावना को समझते हुए जनता की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और संवेदनशील समाधान सुनिश्चित करना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने सरकार के मूल मंत्र “सरलीकरण, समाधान, निस्तारण और संतुष्टि” को दोहराते हुए कहा कि शासन व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जनता के जीवन को आसान बनाना है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड सुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। तकनीक के बढ़ते उपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण से शासन व्यवस्था पहले से अधिक प्रभावी और जनहितकारी बनी है।
पुस्तक के लेखक आर.सी. लोहनी ने बताया कि ‘सेवा विधि’ में सरकारी सेवाओं से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को शामिल किया गया है। इसमें संवैधानिक प्रावधान, नियुक्ति प्रक्रिया, आरक्षण व्यवस्था, पदोन्नति, स्थानांतरण, अनुशासनात्मक कार्रवाई, सेवानिवृत्ति, अवकाश नियम, राजभाषा अधिनियम सहित विभिन्न सेवा नियमों और उच्चतम न्यायालय एवं उच्च न्यायालयों के महत्वपूर्ण निर्णयों का सार प्रस्तुत किया गया है।
उन्होंने कहा कि यह पुस्तक अधिकारियों और कर्मचारियों को सेवा संबंधी मामलों को समझने और निर्णय लेने में महत्वपूर्ण सहायता प्रदान करेगी।
पुस्तक विमोचन कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल सहित अनेक सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
