हरियाणा की डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही है
बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने का जो रास्ता हरियाणा सरकार ने दिखाया है, वो इतना आसान नहीं था, लेकिन ये भाजपा सरकार ने करके दिखाया है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
इतने वर्षों में जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं, आज जींद, बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
चंडीगढ़, 17 जुलाई – प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि हरियाणा की डबल इंजन सरकार सबका साथ-सबका विकास के मंत्र पर चल रही है। मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, यहां के नौजवानों, किसानों, बहनें-बेटियां, सबके लिए बेहतरीन काम कर रही है। बिना खर्ची-पर्ची के नौकरी देने का जो रास्ता हरियाणा सरकार ने दिखाया है, वो इतना आसान नहीं था, लेकिन ये भाजपा सरकार ने करके दिखाया है। हरियाणा अब तेज़ विकास के पथ पर दौड़ रहा है। खेती हो या फिर उद्योग, ये दो ऐसे पहिए हैं, जो हरियाणा को सशक्त कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री शुक्रवार को जींद में देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना करने के बाद जींद में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो, असीम कुमार घोष, मुख्यमंत्री श्री नायब सिंह सैनी, केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव, हरियाणा विधानसभा के डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण मिड्ढा उपस्थित रहे।

श्री नरेंद्र मोदी ने हरियाणवी में कहा कि यहां आकर मन गदगद हो गया है। यो कोई साधारण धरती नहीं सै। यो धरती इतिहास, वीरता, धर्म और गौरव की धरती सै। शक्ति पीठ माता जयंतियां का नाम और आशीर्वाद इस शहर पर बना रहता है। यहां के लोगों ने जो अपनत्व दिया, जो प्रेम दिया, वो आज तक नहीं भूला। मुर्रा भैंस का दूध-दही और घी, जींद का देसी बुरा, और यहां का घेवर, ये वो यादें हैं, जो जींद से जुड़ ही जाती हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इतने वर्षों में जींद का घी और घेवर तो नहीं बदला, लेकिन जींद के तेवर बदल गए हैं। आज जींद, बीजेपी-एनडीए के सुशासन मॉडल की तस्वीर बन रहा है। बीते वर्षों में पूरा हरियाणा ही, विकास की नई पटरी पर चल पड़ा है। आज का ये कार्यक्रम, डबल इंजन की बीजेपी सरकार के इसी मिशन को, नई ऊर्जा से भर रहा है।

उन्होंने कहा कि आज जींद, हरियाणा का नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज हो गया है। आज यहां से, देश को पहली हाइड्रोजन ट्रेन मिली है। आज भी हम पढ़ते हैं, सुनते हैं कि भारत में पहली ट्रेन बॉम्बे से ठाणे के बीच चली थी। वैसे ही भविष्य में जब भी हाइड्रोजन ट्रेन का जिक्र आएगा, तो जींद का, सोनीपत का, हरियाणा का नाम भी आएगा।

उन्होंने कहा कि आज 14 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक के अन्य प्रोजेक्ट्स भी हरियाणा को मिले हैं। इसमें रेलवे, हाईवे, विरासत से जुड़े प्रोजेक्ट्स हैं और दो नए मेडिकल कॉलेज भी हरियाणा की सेवा के लिए समर्पित हुए हैं। इससे यहां के नौजवानों के लिए, डॉक्टर और अन्य मेडिकल प्रोफेशनल्स बनने के नए रास्ते भी बनेंगे। इसके अलावा, प्रधानमंत्री ने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के 5 लाभार्थियों को मंच पर प्रतीकात्मक रूप से घर की चाबी सौंप कर उनके अपने घर का सपना पूरा किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि जींद और हरियाणा के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता से स्वागत पहल को लोगों ने जिस गंभीरता से लिया है, वो दिल खुश कर देने वाला है। पिछले एक सप्ताह से सोशल मीडिया में सफाई अभियान की भारी चर्चा रही है। उन्होंने कहा कि सभी लोग यह तय कर लें कि स्वच्छता ही हमारा स्वभाव बने, स्वच्छता ही हमारे संस्कार बना देंगे, हम स्वच्छता को इसी तरह अपनी हर दिन की जिंदगी का हिस्सा बनाएंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्नीसवीं सदी के रेलवे की पहचान स्टीम इंजन से बने थे। बीसवीं सदी की पहचान, डीजल और बिजली से चलने वाली रेल बनी, और अब इक्कीसवीं सदी की रेल हाइड्रोजन से चलने वाली है। आज भारतीय रेल ने भी, इक्कीसवीं सदी की इस टेक्नोल़ॉजी में एक बड़ा स्टेप लिया है। आज जींद से सोनीपत के बीच, हाइड्रोजन ट्रेन चली है। अभी ये सफर 90 किलोमीटर का है, लेकिन भविष्य में इसका विस्तार होने की बहुत संभावनाएं हैं। दुनिया में हाइड्रोजन ट्रेन अभी-अभी आई है, करीब 7-8 साल पहले ही अस्तित्व में आई है। अभी दुनिया के 3 या 4 देश ही हैं, जिनके पास हाइड्रोजन ट्रेन चलाने का सामर्थ्य है। और जिन देशों में अभी ऐसी हाइड्रोजन ट्रेन चल भी रही है, वहां बहुत शुरुआती दौर में है। लेकिन जींद से सोनीपत चलने वाली हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे ताकतवर हाइड्रोजन ट्रेन है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, 3200 हॉर्स पावर की है और सबसे ताकतवर ही नहीं, भारत की हाइड्रोजन ट्रेन, सबसे लंबी भी है। भारत ने पहली बार में सीधे 10 कोच वाली हाइड्रोजन ट्रेन चलाकर, दुनिया में अपना झंडा गाड़ दिया है। भारत की ये हाइड्रोजन ट्रेन, धुआं रहित तो है ही, ये मेक इन इंडिया का भी एक बहुत सफल उदहारण है। इस हाइड्रोजन ट्रेन को भारत के ही इंजीनियर्स ने डिज़ायन किया है, भारत की ही कंपनी ने इसको बनाया है। ये हाइड्रोजन ट्रेन, बाकी ट्रेनों से बिल्कुल अलग है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यहां हाइड्रोजन ट्रेन से जुड़ा और भी इंफ्रास्ट्रक्चर बनेगा, नई-नई फैक्ट्रियां लगेंगी, जो हाइड्रोजन ट्रेन नेटवर्क की ज़रूरतों को पूरा करेंगी। इस ट्रेन से, हरियाणा के नौजवानों के लिए रोजगार के अनेक नए अवसर बनने तय हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में भारतीय रेल में जो ये बड़े बदलाव हुए, इससे भारत को फायदा हुआ है। पिछले कई महीनों से पश्चिमी एशिया में, होर्मुज के पूरे क्षेत्र में, ईरान और गल्फ में युद्ध चल रहा है, और जिस समुद्री रास्ते से होर्मुज से भारत, बहुत बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीज़ल-एलपीजी गैस, किसानों के लिए खाद, आता है। लेकिन पिछले 3-4 महीनों से ये रास्ता, निरंतर युद्ध का मैदान बन चुका है, संकटों से घिरा हुआ है। अगर 2014 से पहले अगर ये स्थिति आती, तो आज हिन्दुस्तान का रेलवे का काम पूरा का पूरा ठप पड़ा गया होता। क्योंकि उस समय 2014 में, देश का बहुत बड़ा हिस्सा ऐसा था, जहां हमारी ट्रेनें सिर्फ और सिर्फ डीजल से चलती थीं। अब आप सोचिए, अगर डीजल आना बंद हो गया होता, आज डीजल से चलने वाली ट्रेनें कैसे चलती? देश कितने बड़े संकट में आ जाता। लेकिन ये 2014 की स्थिति नहीं है, ये मोदी है। बहुत पहले सोचता भी है और समस्या के समाधान के रास्ते भी जमीन पर उतारता है।

उन्होंने कहा कि आज जींद, जो इतने सारे हाइवे से जुड़ रहा है। आज दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के हरियाणा वाले हिस्से का लोकार्पण हुआ है। जींद-गोहाना नेशनल हाईवे भी राष्ट्र को समर्पित किया गया है। इसके अलावा, अंबाला-कालाअंब फोरलेन से भी, हरियाणा और हिमाचल, दोनों राज्यों के लोगों को बहुत सुविधा होगी। अब जींद देश का ऐसा जिला बन गया है, जो पांच-पांच नेशनल हाइवे से कनेक्टेड है। ऐसी कनेक्टिविटी से, यहां के किसानों और पशुपालकों की उपज को बड़ी मंडियों तक पहुंचाना आसान और सस्ता होगा। इससे उद्योगों को बल मिलेगा, पर्यटन को पंख लगेंगे, और इससे बड़ी संख्या में नए रोजगार भी बनेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ दिन पहले ही वे इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड की यात्रा से लौटे हैं। इस दौरान वहां भारत ने अनेक तरह के समझौते किए। लेकिन एक विषय ऐसा है, जिस पर उतनी बात नहीं हुई। ये विषय विशेषकर हरियाणा के युवाओं से जुड़ा हुआ है। ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड में, वहां की सरकारों से, स्पोर्ट्स को लेकर व्यापक चर्चा हुई है। इन दोनों देशों के साथ मिलकर, आने वाले समय में हम स्पोर्ट्स इंडस्ट्री, खिलाड़ियों की ट्रेनिंग, ऐसे अनेक मामलों में बहुत सारा काम साथ मिलकर करने वाले हैं। इससे हरियाणा के युवाओं को भी बहुत लाभ होगा।
उन्होंने कहा कि आज भारत में स्पोर्ट्स को फिटनेस और रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया जा रहा है। हमारी सरकार ने नई नेशनल स्पोर्ट्स पॉलिसी, खेलो भारत नीति भी बनाई है। खेलो इंडिया अभियान से लेकर टीओपीएस स्कीम तक, आज खिलाड़ियों को अभूतपूर्व सुविधाएं मिल रही हैं, उन्हें हजारों रुपए की आर्थिक मदद दी जा रही है। यहां हरियाणा में भी, भाजपा सरकार, खेल और खिलाड़ियों को बहुत प्रोत्साहन दे रही है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि साल 2030 में भारत कॉमनवेल्थ गेम्स को होस्ट करने वाला है। 2036 में ओलंपिक गेम्स भारत में हों, इसके लिए हम पूरी तैयारी कर रहे हैं। इसलिए, हर खिलाड़ी को ज़ोरदार तैयारी करनी है, पूरा दमखम लगाना है। उन्होंने विश्वास दिलाते हुए कहा कि डबल इंजन की बीजेपी सरकार खिलाड़ियों को हर सुविधा देगी। जो 2036 के ओलंपिक को देखना चाहते हैं, आज जो 5 से 12-15 की उम्र के बच्चें हैं न, हमें उस पर ध्यान केंद्रित करना होगा। इतना ही नहीं, आने वाले समय में अहमदाबाद में, वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स भी होने वाले हैं। प्रधानमंत्री ने हरियाणा के खिलाड़ियों को कहा कि इसके लिए भी खूब तैयारी कीजिए। मुझे पूरा विश्वास है, हरियाणा के बेटे-बेटियां, हमेशा की तरह इनमें भी अपना परचम लहराएंगे।
प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों का हित हमारी प्राथमिकता में है। जींद की मंडी, तो हरियाणा की सबसे बड़ी मंडियों में से एक है। डबल इंजन की भाजपा सरकार के कारण, हरियाणा के किसानों को बहुत लाभ हो रहा है। पीएम किसान सम्मान निधि से, हरियाणा के किसानों को, करीब 8 हजार करोड़ रुपये मिल चुके हैं। इसमें जींद के हमारे किसानों को भी 600 करोड़ रुपए से ज्यादा मिल चुके हैं।
उन्होंने कहा कि हमारा देश, संस्कारों और संस्कृति का देश है। और ये क्षेत्र तो इस समृद्ध विरासत का बहुत बड़ा केंद्र है। ये जींद की धरती है, जहां महाराजा रणजीत सिंह का गौरव भी है, और पांडवों की आस्था भी है, पांडु-पिंडारा और रामराय जैसे पवित्र तीर्थ, आज भी लाखों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं। आस्था और आध्यात्म की यही विरासत है, जिसे आज का भारत, सहेजता भी है और अब अगली पीढ़ी तक पूरे मान के साथ पहुंचाता भी है। इसी भाव के साथ, आज कुरुक्षेत्र में एक सिख म्यूज़ियम की आधारशिला रखी गई है। हरियाणा का ये नया संग्रहालय, भारत की महान गुरु परंपरा को, अगली पीढ़ियों तक पहुंचाएगा।
