रुद्रपुर। जनपद ऊधम सिंह नगर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण अभियान का आयोजन 28 जून से 4 जुलाई तक किया जाएगा। अभियान को सफल बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में जिला सभागार में जिला टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की गई, जिसमें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख चिकित्सा अधीक्षकों ने भाग लिया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागों को अभियान के सफल संचालन के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पोलियो उन्मूलन से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक जागरूक होकर 28 जून को अपने पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो की खुराक दिलाने के लिए बूथों तक पहुंचें।
उन्होंने कहा कि जिले का कोई भी बच्चा पोलियो की दवा से वंचित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। साथ ही मुख्य चिकित्साधिकारी को ब्लॉक स्तर पर बैठकें आयोजित कर अभियान की सफलता के लिए ठोस रणनीति तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी चिकित्सा अधिकारियों (एमओआईसी) को निर्देशित किया कि जिन क्षेत्रों में वैक्सीनेशन की दर अपेक्षाकृत कम है, वहां विशेष अभियान चलाकर अधिक से अधिक बच्चों तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आशा कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि 29 जून से 4 जुलाई तक घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा जिन विद्यालयों में पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, उन्हें 28 जून को विशेष रूप से खुला रखने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को बूथ स्तर पर दवा उपलब्ध कराई जा सके।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. के.के. अग्रवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष तक के कुल 2,74,889 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए पूरे जनपद में 1,184 स्थायी बूथ, 86 ट्रांजिट बूथ और 52 मोबाइल बूथ स्थापित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,322 पोलियो बूथों के माध्यम से अभियान संचालित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान की निगरानी और प्रभावी संचालन के लिए 259 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई है।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एम.के. तिवारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. डी.पी. सिंह, डॉ. एस.पी. सिंह, डॉ. डी.एम. गहलोत, डॉ. रोहन कुमार, डॉ. सुधीर, आईएमए सचिव डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. नसरीम, डॉ. दीप्ति सरकार, डब्ल्यूएचओ की डॉ. मीनाक्षी सुमन, जिला कार्यक्रम अधिकारी मुकुल चौधरी, जिला समाज कल्याण अधिकारी अमन अनिरुद्ध, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नंदिनी तोमर सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
