लखनऊ। विद्युत सुरक्षा निदेशालय ने अलीगंज सेक्टर डी 102 भवन में लगी आग का कारण एसी कम्प्रेशर का ओवरहीटिंग होना पाया गया है। निदेशालय ने अपनी प्रारंभिक जांच रिपोर्ट जारी कर दी है। रिपोर्ट में तीन सदस्यीय टीम ने स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है कि आग लगने का मुख्य कारण एसी कम्प्रेशर का ओवरहीटिंग होना था।
ओवरहीटिंग के कारण ही कम्प्रेशर में ब्लास्ट हुआ था। बिल्डिंग की निकासी व प्रदेश द्वार पर लगे एयर कंडिशन के आउटडोर यूनिटों का निरंतर चलना था। इस दौरान वेन्टीलेशन न होने के कारण आउटडोर के आसपास के एरिया में तापमान काफी बढ़ गया था। इसके कारण ओवरहीटिंग हुई और कम्प्रेशर में आंतरिक दोष आने के कारण धमाका हुआ।
ऐसे बिल्डिंग में फैली आग
धमाके से निकली चिंगारी अन्य आउटडोर यूनिट तक पहुंच गई, इसके कारण कुछ अन्य कम्प्रेशर में भी धमाका हुआ और आग ने चंद मिनटों में विकराल रूप धारण कर लिया। इसके कारण आउटडोर बाक्स के नीचे खड़े दो पहिया वाहन, सामग्री भंडार एवं बिल्डिंग में आग फैल गई। विपरीत परिस्थिति में कोई निकासी मार्ग न होने से फंसे व्यक्ति व बच्चे निकल नहीं सके। तीन सदस्यीय टीम में सहायक निदेशक आलोक शुक्ला, आरएन यादव और आलोक तिवारी ने जारी की है।
प्रारंभिक रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि कनेक्शन बिजली का 20 किलोवाट था लेकिन बिजली का उपयोग 34 किलोवाट से अधिक हो रहा था, जो ओवरलोडिंग की श्रेणी में आता है। बिल्डिंग में आग बुझाने के लिए फायर से जुड़ी कोई व्यवस्था नहीं थी और न ही रेट का बाल्टी मौजूद थी।
टीम ने रिपोर्ट में उल्लेख किया है कि बिल्डिंग के बेसमेंट एवं ग्राउंड फ्लोर पर पेंट शाप व उससे संबंधित सामग्री का भंडार था। प्रथम तल पर लाइब्रेरी व गेमिंग जोन स्थित था। द्वितीय तल पर साफ्टवेयर डेवलपमेंट आफिस व वेयर हाउस था। कुल मिलाकर संपूर्ण बिल्डिंग का प्रवेश व निकास मार्ग का रास्ता एकल व संकीर्ण था।
प्रवेश और निकासी मार्ग सीढ़ियों के पास लगे थे आठ एसी के आउटडोर यूनिट
बिल्डिंग के प्रवेश व निकासी द्वार पर भवन स्वामी द्वारा आठ एयर कंडिशन के आउटडोर यूनिट लगा रखी गई थी। जो बहुत ही नजदीक थी। यही नहीं इन्हीं आउटडोर बाक्स के नीचे बिल्डिंग का मेन सप्लाई पैनल बाक्स भी लगा था। पैनल बाक्स ने आग में घी डालने का काम किया।
