अयोध्या। राम मंदिर के दानपात्रों की धनराशि चोरी करने के मामले की जांच के लिए अयोध्या पहुंचे विशेष जांच दल (एसआइटी) के सदस्यों ने लगातार दूसरे दिन गणना कर्मियों के साथ ही ट्रस्ट महासचिव चंपत राय और व्यवस्थापक गोपाल राव से भी पूछताछ की। दोनों से दान की धनराशि, मंदिर के अंदर की व्यवस्था और उससे जुड़े लोगों के बारे में सवाल जवाब किए।
एसआइटी में शामिल लखनऊ के मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत, लखनऊ आइजी किरण एस. व विशेष सचिव, वित्त नीलरतन कुमार ने अलग-अलग पूछताछ की है। इस दौरान सुरक्षा एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों को दूर रखा गया। टीम ने सीसीटीवी के अलावा कई रिकार्डों की जांच की। दानपात्रों का निरीक्षण कर उनकी गिनती की और समस्त प्रक्रिया के रिकार्ड अपने कब्जे में लिए हैं।
ट्रस्ट कर्मी कृष्णदेव तिवारी से भी की पूछताछ
एसआइटी का नेतृत्व कर रहे कमिश्नर विजय विश्वास ने भूतल पर रामलला के गर्भगृह के समक्ष दान में मिले आभूषण व अन्य धातुओं को रखने वाले कमरे का निरीक्षण किया और इसका दायित्व संभालने वाले ट्रस्ट कर्मी कृष्णदेव तिवारी से भी पूछताछ की। देरशाम तक टीम के सदस्य परिसर में ही उपस्थित रहे।मंगलवार की सुबह लगभग साढ़े 10 बजे परिसर में पहुंचे एसआइटी के सदस्य परिसर के परकोटे से बाहर ग्रीन हाउस में ही बैठे। सबसे पहले महासचिव चंपतराय से गणना कर्मचारियों की तैनाती और धनराशि की निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल किए।
इसके बाद व्यवस्थापक गोपाल राव से पूछताछ की। एसआइटी को बताया गया कि नकदी की गणना में ट्रस्ट, भारतीय स्टेट बैंक व कलेक्शन एजेंसी से जुड़े लगभग 40 कर्मी शामिल रहते हैं जिनकी दो शिफ्टों में ड्यूटी रहती है। कलेक्शन एजेंसी का कार्य केवल सभी दानपात्रों से नकदी को एकत्रित करके यात्री सुविधा केंद्र के गोपनीय कक्ष तक ले जाना रहता है।
एसबीआइ के कर्मियों का कार्य केवल निगरानी करना रहता है। नोटों की बंडलिंग करना और उनकी गिनती का कार्य ट्रस्ट कर्मी ही करते रहे हैं। गिनती पूरी हो जाने के बाद इनका वाउचर बनाकर रजिस्टर पर अंकित कर एसबीआइ कर्मियों व सुरक्षाकर्मियों की निगरानी में बैंक खाते में जमा कराया जाता है। नकदी ले जाते समय भी ट्रस्ट कर्मी साथ जाते हैं।
‘चढ़ावा चोरी की जांच के लिए बने सर्वदलीय समिति’
चढ़ावा प्रकरण को लेकर जिला एवं महानगर कांग्रेस कमेटी ने निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच की मांग उठाई है। सिटी मजिस्ट्रेट संजीव उपाध्याय के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया। ज्ञापन में जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त अथवा नामित न्यायाधीश की अध्यक्षता में सर्वदलीय जांच समिति गठित करने की मांग की गई। कहा गया कि आवश्यक हो तो मामले की जांच सीबीआइ से भी कराई जाए।
अब तक तीन लोगों ने कीं शिकायतें, नहीं दर्ज हुई प्राथमिकी
चढ़ावा प्रकरण को लेकर अब तक तीन लोगों ने अलग-अलग थानों में शिकायतें करके प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है, परंतु पुलिस-प्रशासन की ओर से प्राथमिकी नहीं दर्ज कराई गई है। वहीं, मंदिर ट्रस्ट ने भी चुप्पी साध रखी है। मंगलवार को शिवसेना के पूर्व नेता व धर्म सेना के संस्थापक संतोष दुबे, उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस के उपाध्यक्ष शरद शुक्ला ने मामले में रामजन्मभूमि थाना में एफआइआर दर्ज कराने के लिए शिकायत की है।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरजपाल अम्मू ने प्रेस वार्ता कर कहा कि अब तक एफआइआर क्यों नहीं की गई है और चंदा चोरी करने वालों के घर पर बुलडोजर कब चलेगा। इसके बाद कविनगर थाने में तहरीर दी गई है, जिसमें निर्माण समिति और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं।
चंपत राय को महासचिव पद से हटाएं
स्वामी महेशाश्रमअखिल भारतीय दंडी संन्यासी परिषद के संरक्षक जगदगुरु स्वामी महेशाश्रम ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय पर गड़बड़ी कराने का आरोप लगाया है। प्रयागराज में उन्होंने कहाकि चंपत राय के संरक्षण में चढ़ावा की धनराशि में हेरफेर हुई है। भगवान के पैसे का दुरुपयोग करके एक टैक्सी ड्राइवर करोड़पति बन गया। ऐसे में चंपत राय को तत्काल महासचिव पद से हटाया जाना चाहिए। कहाकि चंपत राय खुद ईमानदारी का चोला ओढ़े रहे और अपने नीचे भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दिया।
ओम नम: शिवाय संस्थान के संस्थापक प्रभु जी ने कहा, प्रभु श्रीराम का मंदिर बनवाने के लिए समस्त सनातन धर्मावलंबियों ने त्याग और संघर्ष किया है। मंदिर बनने के बाद उसके चढ़ावा में चोरी होना घृणित कृत्य है। हर दोषी को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
