देहरादून में राज्य के भीतर चल रहे विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण अभियान की प्रगति को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने सचिवालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी जिलों के जिलाधिकारियों के साथ इस अभियान की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की। इस समीक्षा के दौरान सामने आया कि प्रदेश में अब तक 88.48 फीसदी गणना फॉर्मों का वितरण किया जा चुका है। डॉ. जोगदण्डे ने इस कार्य को और गति देने के लिए फॉर्म वितरण के साथ-साथ उनके डिजिटलीकरण (डिजिटल एंट्री) की प्रक्रिया को तेज करने की हिदायत दी है।
अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने उन जनपदों की खुले दिल से प्रशंसा की जिन्होंने गणना फॉर्म बांटने में राज्य के औसत से बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने इन जिलों को अब अगले चरण यानी फॉर्मों के डिजिटलीकरण पर पूरा ध्यान केंद्रित करने को कहा। इसके विपरीत, जिन जिलों में फॉर्म वितरण की रफ्तार राज्य के औसत से पीछे चल रही है, वहां के संबंधित विधानसभा क्षेत्रों और पोलिंग बूथों पर विशेष अभियान चलाने के आदेश दिए गए हैं। इसके लिए आवश्यकतानुसार अतिरिक्त मोबाइल टीमों को भी तैनात किया जाएगा ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।
बैठक में इस बात पर भी चिंता जताई गई कि कुछ विधानसभा क्षेत्रों में ऑनलाइन गणना फॉर्म भरने की दर काफी कम है। डॉ. जोगदण्डे ने अधिकारियों को ऐसे क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार करने और लोगों को डिजिटल माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु जनजागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए। वहीं दूसरी ओर, जिन दुर्गम इलाकों में नेटवर्क की समस्या है, वहां मोबाइल और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) की विशेष टीमों को भेजा जाएगा ताकि बूथ स्तर के अधिकारियों (BLOs) को तकनीकी दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसके साथ ही बीएलओ को नए मोबाइल एप्लीकेशन मॉड्यूल का प्रशिक्षण देने के लिए 10 से 12 अधिकारियों के छोटे-छोटे समूह बनाकर ट्रेनिंग आयोजित करने की बात कही गई।
डॉ. विजय कुमार जोगदण्डे ने प्रदेश के समस्त नागरिकों और मतदाताओं से अपील की है कि वे इस अभियान में सहयोग करते हुए अपना सबसे नया पासपोर्ट साइज फोटो बीएलओ को जरूर उपलब्ध कराएं। उन्होंने यह भी साफ किया कि 8 जून से शुरू होकर 7 जुलाई तक चलने वाले इस घर-घर सर्वे अभियान के दौरान मतदाताओं को फॉर्म के साथ किसी भी प्रकार का अन्य कानूनी या पहचान संबंधी दस्तावेज देने की कोई जरूरत नहीं है।
यदि मतदाताओं को इस प्रक्रिया से संबंधित कोई भी जानकारी या सहायता चाहिए, तो वे विभाग द्वारा जारी किए गए टोल-फ्री नंबर 1950 पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा राज्य स्तर पर एक अन्य विशेष हेल्पलाइन नंबर 1800-3300-1950 भी क्रियाशील किया गया है, जहां संपर्क करके किसी भी संशय को दूर किया जा सकता है। इस उच्च स्तरीय बैठक में उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी किशन सिंह नेगी, सहायक मुख्य निर्वाचन अधिकारी मस्तू दास सहित राज्य के सभी जिलों के जिलाधिकारी और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
