शिमला। पंचायतीराज और शहरी निकाय चुनावों को लेकर जारी आदर्श चुनाव आचार संहिता के लागू होने को लेकर मंत्रिमंडल बैठक आयोजित करने और उसमें लिए गए निर्णयों को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को नोटिस जारी किया है। शनिवार को जारी किए गए इस नोटिस में पूछा गया है कि क्या शुक्रवार को मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई है।
समाचारपत्रों में जो समाचार छपे हैं उसकी जानकारी किसने दी है। यदि मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई है तो उसमें क्या निर्णय लिए गए हैं। आयोग ने पूछा है कि बैठक में कौन-कौन से निर्णय लिए गए और क्या इनमें ऐसे फैसले शामिल तो नहीं जिनका चुनाव प्रक्रिया या मतदाताओं पर प्रभाव पड़ सकता है।
भाजपा नेताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्य निर्वाचन आयोग से मुलाकात कर मामला उठाया। जिसमें आरोप लगाया गया है कि मंत्रिमंडल की बैठक में ऐसे निर्णय लिए गए जिससे मतदाताओं को प्रभावित किया गया है। चुनावी माहौल के बीच सरकार द्वारा लिए गए फैसलों का सीधा असर मतदाताओं पर पड़ेगा।
जबकि प्रदेश आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू है। जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव में लाभ लेने के लिए ऐसा किया गया है। आखिर ऐसा क्या था कि 31 मई के बाद मंत्रिमंडल की बैठक नहीं हो सकती थी। भाजपा ने इसे आदर्श चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत सिंह ने कहा कि मुख्य सचिव से मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित किए जाने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने को कहा गया है।
