उत्तर प्रदेश में विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के विद्यार्थियों के लिए भी यूनिफॉर्म अब अनिवार्य होगा। अभी ज्यादातर विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में छात्र अपने मनपसंद कपड़े पहनकर आते हैं। बुधवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अनुशासन सख्ती से बनाए रखने के लिए यूनिफॉर्म को अनिवार्य किए जाने के सख्त निर्देश दिए। यही नहीं शिक्षकों को कोई ऐसा कृत्य न करने की नसीहत दी जिससे उनकी गरिमा और महिला को ठेस लगे।
जनभवन में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया से संबद्ध कॉलेजों की समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल और कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल कई महत्वपूर्ण निर्देश सभी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों के लिए दिए। अभी प्रदेश में कुछ महिला डिग्री कॉलेजों और सहशिक्षा वाले डिग्री कॉलेजों में तो यूनिफॉर्म की व्यवस्था है लेकिन बाकी कहीं नहीं है। ऐसे में अब सभी विश्वविद्यालय और राज्य विश्वविद्यालय अपने मनपसंद रंग और डिजाइन की यूनिफॉर्म छात्रों के लिए लागू करेंगे जिससे कैंपस में पढ़ाई के दौरान एकरूपता होगी।
लखनऊ यूनिवर्सिटी के शिक्षक की करतूत पर सख्त रुख
लखनऊ विश्वविद्यालय में जूलोजी विभाग के शिक्षक डा. परमजीत सिंह के एक छात्रा को जानबूझकर परेशान किए जाने और पर्चा लीक किए जाने की घटना को देखते हुए प्रदेश भर के सभी विश्वविद्यालय और कॉलेजों के शिक्षकों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में दो टूक कहा कि शिक्षक कोई भी ऐसा कृत्य न करें जिससे उनकी गरिमा और महिमा को ठेस लगे।
बता दें कि पिछले दिनों लखनऊ यूनिवर्सिटी के एक शिक्षक डा.परमजीत सिंह द्वारा एक छात्रा को फोन कर अश्लील डिमांड किए जाने और उसके लिए दो पेपर आउट किए जाने की बात करने का मामला सामने आया था। छात्रा को फोन करने का डा.परमजीत सिंह का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद इस मामले में छात्रों का आक्रोश सामने आया था। मामले की प्रदेश ही नहीं देश भर में काफी चर्चा हो रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस दोनों की ओर से इसमें ऐक्शन हुआ है। पुलिस ने शिक्षक को गिरफ्तार कर लिया था। मामले की जांच चल रही है। माना जा रहा है कि शिक्षक के खिलाफ जल्द ही और बड़ी कार्रवाई सामने आ सकती है।
छात्र-छात्राओं के हित में बनें कमेटियां
राज्यपाल ने कहा कि कई बार विद्यार्थी विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने खुलकर अपनी समस्याएं नहीं रख पाता। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में विभिन्न कमेटियों का गठन किया जाना चाहिए, जिसमें छात्र-छात्राएं भी शामिल हों। ऐसी समितियों के माध्यम से वे अपनी समस्या ढंग से बता सकेंगे और समाधान होगा। इसके साथ ही राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने प्रदेश के महिला छात्रावासों की स्थिति में सुधार करने का भी आदेश दिया।
