हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सोमवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में बड़ा फैसला लेते हुए वर्ष 2024-25 के दौरान जारी बीसी-ए और बीसी-बी (नॉन-क्रीमी लेयर) प्रमाणपत्रों की वैधता को मंजूरी दी गयी। यह निर्णय 17 नवंबर 2021 की अधिसूचना के तहत जारी प्रमाणपत्रों पर लागू होगा। सरकार के इस फैसले से हरियाणा लोक सेवा आयोग की भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले हजारों अभ्यर्थियों को राहत मिलेगी।
दरअसल, आयोग ने 23 जुलाई 2024 को विभिन्न विषयों में 3069 पोस्ट ग्रेजुएट टीचर पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किया था। इसमें बीसी-ए और बीसी-बी वर्ग के उम्मीदवारों से 16 जुलाई 2024 की नयी अधिसूचना के अनुसार प्रमाणपत्र जमा कराने को कहा गया था। नयी अधिसूचना लागू होने के बाद 17 नवंबर 2021 की अधिसूचना के तहत जारी प्रमाणपत्रों को एचपीएससी द्वारा मान्य नहीं माना जा रहा था, जिससे कई उम्मीदवारों की उम्मीदवारी रद्द हो गयी। इसके खिलाफ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोटर् में कई याचिकाएं दायर की गयीं थी।
मंत्रिमंडल की बैठक में बताया गया कि 16 जुलाई 2024 की अधिसूचना में मुख्य बदलाव केवल क्रीमी लेयर की वार्षिक आय सीमा को छह लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये करना था। ऐसे में 2021 की अधिसूचना के तहत नॉन-क्रीमी लेयर श्रेणी में आने वाले उम्मीदवार संशोधित नियमों में भी उसी श्रेणी में बने रहते हैं। इसी आधार पर मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया कि 23 जुलाई 2024 से पहले जारी किये गये बीसी-ए/बीसी-बी (नॉन-क्रीमी लेयर) प्रमाणपत्र सभी उद्देश्यों के लिए वैध माने जाएंगे। सरकार का मानना है कि इससे प्रभावित उम्मीदवारों को राहत मिलेगी और भर्ती प्रक्रिया में निष्पक्षता सुनिश्चित होगी।
