नई दिल्ली। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग की लिखित शिकायत के आधार पर की गई है। मामले के सामने आने के बाद देशभर के छात्रों और अभिभावकों में चिंता का माहौल है।
सीबीआई के अनुसार, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा 3 मई 2026 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र से जुड़े कुछ गोपनीय दस्तावेजों के अनधिकृत रूप से प्रसारित होने की सूचना मिली थी। शिकायत में परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं।
जांच एजेंसी ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात, चोरी और साक्ष्य नष्ट करने जैसी गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। इसके अलावा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और पब्लिक एग्जामिनेशन प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स एक्ट 2024 के तहत भी प्रकरण दर्ज किया गया है।
सीबीआई ने मामले की गहन जांच के लिए विशेष टीमों का गठन किया है। इन टीमों को विभिन्न स्थानों पर भेजा गया है ताकि परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के नेटवर्क, उसकी व्यापकता और इसमें शामिल लोगों की भूमिका का पता लगाया जा सके।
सीबीआई ने स्पष्ट किया है कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाई जाएगी, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एजेंसी परीक्षा प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है।
नीट-यूजी देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं में से एक है। ऐसे में पेपर लीक की खबर सामने आने के बाद छात्रों और अभिभावकों के बीच परीक्षा प्रणाली की पारदर्शिता को लेकर चिंता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें सीबीआई जांच और उसके निष्कर्षों पर टिकी हुई हैं।
