लखनऊ। खरीफ सीजन में किसानों को धान, उड़द, मूंग, तिल और मोटे अनाजों के 1,96,117 क्विंटल बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। दलहन और तिलहन फसलों के मिनी किट भी वितरित किए जाएंगे। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि सबसे पहले 15 मई से 80 हजार क्विंटल धान के बीजों का वितरण शुरू कर दिया जाएगा। जिलों में इसकी आपूर्ति की जा रही है।
सोमवार को कृषि भवन में आयोजित बैठक में कृषि मंत्री ने कहा कि खरीफ-2026 के लिए कृषि विभाग ने बीज और उर्वरकों की पर्याप्त व्यवस्था कर ली है। राष्ट्रीय दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत 49,129 क्विंटल दलहन बीज (उर्द, मूंग और अरहर) और मूंगफली उत्पादन बढ़ाने को 57,446 क्विंटल बीज अनुदान पर दिए जाएंगे।
मूंग के लिए 3,946 क्विंटल, उर्द के लिए 23,958 क्विंटल और अरहर के लिए 21,225 क्विंटल का वितरण लक्ष्य है। त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम के तहत हाइब्रिड मक्का बीज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। कृषि मंत्री ने बताया कि 15 मई को कानपुर में मंडलीय किसान गोष्ठी होगी, जिसमें चित्रकूट, झांसी और कानपुर मंडल के किसान व वैज्ञानिक शामिल होंगे। 21 मई को लखनऊ में राज्य स्तरीय गोष्ठी होगी।
खाद की तस्करी पर लगेगा रासुका
कृषि मंत्री ने बताया कि प्रदेश में 27.54 लाख टन खाद का स्टाक है, इसमें 12 लाख टन यूरिया, 4.79 लाख टन एनपीके, 3.66 लाख टन एसएसपी और 91 हजार टन पोटाश शामिल है। कालाबाजारी रोकने के लिए 10 जिलों में विशेष जांच टीमें भेजी जा रही हैं।
हाल ही में बुलंदशहर में पुलिस और कृषि विभाग ने तीन ट्रकों से ले जाया जा रहा 1575 बैग इफको यूरिया बरामद किया है। मामले में आरोपितों सहित पीसीएफ के कर्मचारियों के विरुद्ध भी एफआइआर दर्ज कराई गई है। यह उर्वरक पीसीएफ बफर गोदाम से अवैध तरीके से निकाला गया था। कृषि मंत्री ने चेतावनी दी है कि खाद की तस्करी में शामिल दोषियों के खिलाफ रासुका (एनएसए) के तहत भी कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे भूमि की उर्वरता बनाए रखने के लिए यूरिया का संतुलित प्रयोग करें।
