बाड़मेर/बालोतरा : ब्रह्मर्षि खेतेश्वर वेद विज्ञान गुरुकुल, मवडी में आयोजित वार्षिकोत्सव ‘धरोहर 2026’ का रविवार रात्रि को अत्यंत श्रद्धा, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ समापन हुआ. गोधूलि वेला में ‘वंदे मातरम्’ के सामूहिक गायन एवं दीपोत्सव के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसने पूरे वातावरण को राष्ट्रभक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया. कार्यक्रम का आयोजन ब्रह्मधाम गादीपति तुलसाराम महाराज एवं महामंडलेश्वर महंत निर्मलदास महाराज के सानिध्य में हुआ. इसमें मुख्य अतिथि के रूप में राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि वेद भारत की आत्मा है. इससे पहले राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बालोतरा जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल आसोतरा ब्रह्म मंदिर भी पहुंचे.
मवड़ी के कार्यक्रम में राज्यपाल बागडे ने कहा कि वेद भारतीय संस्कृति की आत्मा हैं और उन्होंने सदैव हमारी सभ्यता एवं संस्कारों का संरक्षण किया है. वेदों में ज्ञान का अथाह सागर समाया हुआ है. भारत ने अपने इसी ज्ञान और दर्शन के बल पर पूरे विश्व में सम्मान प्राप्त किया है. उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति और वैदिक ज्ञान केवल आध्यात्मिक उन्नति का माध्यम नहीं, बल्कि समग्र विकास का आधार भी हैं. वैदिक परंपराएं मानव जीवन को अनुशासन, नैतिकता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करती हैं.
‘सीखने की जिज्ञासा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए’: राज्यपाल ने गुरुकुल में अध्ययनरत ऋषिकुमारों को संबोधित करते हुए कहा कि सीखने की जिज्ञासा कभी समाप्त नहीं होनी चाहिए. मनुष्य जितना अधिक ज्ञान अर्जित करता है, उतना ही उसे यह अनुभव होता है कि अभी बहुत कुछ जानना और सीखना बाकी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा वह दीपक है जो अंधकार में भी सही मार्ग दिखाती है और जीवन को उद्देश्यपूर्ण बनाती है. भारत में जितने स्कूल और गुरुकुल हैं, उतने विश्व में कहीं नहीं हैं.
संस्कृति की जड़ें अटूट: उन्होंने कहा कि इतिहास में कई बार हमारे वेदों और संस्कृति को नष्ट करने के प्रयास किए गए, लेकिन भारतीय संस्कृति की जड़ें इतनी मजबूत हैं कि वह हर चुनौती के बाद और अधिक सशक्त होकर उभरी है. उन्होंने महाराणा प्रताप को भी याद किया और कहा कि राजस्थान धार्मिक प्रवृत्ति का राज्य है. आज आवश्यकता इस बात की है कि नई पीढ़ी वैदिक परंपराओं, भारतीय संस्कारों और सांस्कृतिक धरोहर से जुड़े तथा राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं.
गुरुकुल के विद्यार्थियों ने प्रस्तुतियां दीं: कार्यक्रम के दौरान गुरुकुल के विद्यार्थियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और देशभक्ति से ओतप्रोत कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने सराहा. इस अवसर पर संत तुलसीदास महाराज, निर्मलदास महाराज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र प्रचारक निबाराम, महामंत्री बाबूसिंह कालूड़ी, आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित, सिवाना विधायक हमीरसिंह भायल सहित बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे.
आसोतरा ब्रह्म मंदिर धाम में भी पहुंचे राज्यपाल: इससे पहले, रविवार को राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े बालोतरा जिले के प्रसिद्ध तीर्थस्थल आसोतरा ब्रह्म मंदिर पहुंचे, यहां मंदिर ट्रस्ट एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक स्वागत किया. राज्यपाल ने ब्रह्मधाम मंदिर के गादीपति तुलसाराम महाराज से भेंट कर आशीर्वाद लिया. उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित शिव धूनी के दर्शन किए और माता सोनिया के साथ भगवान ब्रह्मा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया. पूजा-अर्चना के दौरान वैदिक मंत्रोच्चारण एवं धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया गया. राज्यपाल ने कहा कि ये आस्था केंद्र भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा को मजबूत करने का कार्य करते हैं. इसके बाद वे सिवाना पहुंचे, जहां विधायक हमीरसिंह भायल ने उनका स्वागत किया.
