शिमला। हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में नामांकन का सोमवार को अंतिम दिन है। पंचायती राज संस्थाओं के 31182 पदों के लिए चल रहे नामांकन के दो दिनों के दौरान 2286 पदों के लिए केवल एक-एक नामांकन पत्र जमा करवाए गए हैं। नामांकन के अंतिम दिन सोमवार को भी यदि और कोई नामांकन नहीं होता है तो ऐसी स्थिति में नाम वापसी के दिन इन्हें निर्वाचन प्रमाण पत्र सौंप दिए जाएंगे।
वार्ड पंच से लेकर जिला परिषद सदस्यों के लिए नामांकन के दो दिनों के दौरान 42562 नामांकन दर्ज किए गए हैं। अभी तक प्रदेश के 12 जिलों के विभिन्न ब्लाक के तहत प्रधान के 196, उपप्रधान के 223 और वार्ड पंच के 1867 पदों के लिए केवल एक-एक नामांकन हुआ है। पंचायत समिति सदस्यों और जिला परिषद सदस्यों के लिए सभी स्थानों पर एक से अधिक नामांकन दर्ज किए गए हैं।
दो दिन के अवकाश के बाद शुरू होगी प्रक्रिया
दो दिनों के अवकाश के बाद सोमवार को सुबह 11 बजे से शाम तीन बजे तक नामांकन पत्र जमा करवाए जा सकेंगे। पंचायतों के साथ चार नगर निगमों धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन सहित 53 शहरी निकायों में चुनावी सरगर्मियां तेज हैं।
नाम वापसी के दिन मिलेंगे चुनाव चिह्न
पंचायती राज संस्थाओं को लेकर 12 मई को नामांकन पत्रों की जांच-पड़ताल होगी तथा 15 मई तक उम्मीदवार अपने नाम वापस ले सकेंगे। उसी दिन चुनाव चिह्न भी आवंटित किए जाएंगे। हर पद के लिए 20-20 चुनाव चिह्न निर्धारित करने के अलावा 15 ऐसे चुनाव चिह्न रखे गए हैं, जिनका उपयोग पांच पदों के लिए आवश्यकता के आधार पर किया जा सकेगा।
मतदान तीन चरणों में 26, 28 और 30 मई को सुबह सात बजे से सायं तीन बजे तक मतपत्रों के माध्यम से करवाया जाएगा।
चुनाव में देखने को मिलेंगे रोचक मुकाबले
पंचायती चुनाव में दिलचस्प मुकाबले देखने को मिलेंगे। जिसमें भाइयों में चुनावी टक्कर के अलावा चाचा और भतीजा, सास-बहू, देवरानी और जठानी आमने सामने होंगे।
युवाओं की भागीदारी से विकास बन रहा मुद्दा
प्रदेश में गांव के चुनावों में युवाओं की भागीदारी बढ़ने से विकास इस बार मुद्दा दिखाई दे रहा है। पहले अधिकतर स्थानों पर आपसी खींचतान में चुनाव हो जाते थे। युवा ग्रामीणों को विकास के सब्जबाग दिखा रहे हैं। देखना ये होगा कि चुनाव के बाद पांच सालों के दौरान क्या परिवर्तन आते हैं और विकास किस दिशा में बढ़ता है।
चुनावी रेस से बाहर करने को लग रहे दांव पेच
उम्मीदवार एक दूसरे को चुनावी रेस से बाहर करने के लिए कई प्रकार के दांव पेच लगा रहे हैं। जिसके लिए उम्मीदवार को पुराना रिकार्ड खंगालने के साथ उसके शपथपत्र में दर्ज मामलों को लेकर छानबीन की जा रही है। यही नहीं, उसके परिवार वालों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को भी खंगाला जा रहा है। इसके लिए संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारी व सहायक निर्वाचन अधिकारियों के पास लगातार शिकायतें आ रही हैं। ये अधिकारी नामांकन पत्रों की जांच के दौरान सारे तथ्यों को खंगालेंगे और उसके आधार पर नामांकन रद करने के संबंध में निर्णय लिए जाएंगे।
