उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के चहुंमुखी विकास और जनहित की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने विभिन्न जनपदों में संचालित विकास परियोजनाओं के लिए ₹135 करोड़ से अधिक की महत्वपूर्ण वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की हैं। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य विकास कार्यों में गति लाना और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित मानकों के अनुसार और समय सीमा के भीतर पूर्ण पारदर्शिता के साथ किया जाए।
धार्मिक पर्यटन और ऐतिहासिक धरोहरों का संरक्षण
प्रदेश की सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत को सहेजने के लिए मुख्यमंत्री ने विशेष बजटीय प्रावधान किए हैं:
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टिहरी गढ़वाल: धनौल्टी के ग्राम विराड़ में नाग देवता मंदिर के नवनिर्माण हेतु ₹49.86 लाख और देवप्रयाग के सूर्य देवी मंदिर पलेठी के सौंदर्यीकरण हेतु ₹98.59 लाख की मंजूरी।
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पिथौरागढ़: धारचूला के दांतू गांव में स्थित ऐतिहासिक भवनों के जीर्णोद्धार के लिए ₹35 लाख आवंटित।
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उधम सिंह नगर: सितारगंज में निर्माणाधीन पर्वतीय विकास भवन के लिए ₹79.87 लाख और खटीमा में शहीद स्थल पर शेड निर्माण हेतु ₹20.41 लाख स्वीकृत।
शिक्षा और प्रशासनिक सुदृढ़ीकरण
शिक्षा के अधिकार (RTE) और सुशासन की दिशा में मुख्यमंत्री ने उदारतापूर्वक वित्तीय सहयोग प्रदान किया है:
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RTE शुल्क प्रतिपूर्ति: निजी स्कूलों में पढ़ रहे बच्चों की फीस प्रतिपूर्ति हेतु वित्तीय वर्ष 2025-26 की द्वितीय किश्त के रूप में ₹84.89 करोड़ जारी।
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प्रशासनिक व्यय: उत्तराखंड प्रशासन अकादमी (RS Tolia Academy) हेतु ₹2.75 करोड़ और उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के कार्यों हेतु ₹7.57 करोड़ का अनुमोदन।
सुरक्षा एवं सैन्य सम्मान की दिशा में कदम
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था और शहीदों के सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने निम्नलिखित निर्णय लिए हैं:
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पुलिस एवं होमगार्ड: पुलिस विभाग के अधिष्ठानों हेतु ₹35.74 करोड़ और होमगार्ड्स विभाग के लिए ₹1 करोड़ की धनराशि अवमुक्त की गई।
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शहीद सम्मान: पौड़ी गढ़वाल के मोलन-खण्डाह-भिंताई मोटर मार्ग का नाम अब शहीद कमल सिंह नेगी के नाम पर होगा, जो वीर सैनिकों के प्रति राज्य सरकार के आदर को दर्शाता है।
